उत्तराखंड में कोरोना : कई लोगों को नहीं मिल पा रहा टीका लगवाने का मौका, इसके पीछे है ये कारण
जाखन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं वैलनेस सेंटर पर टीके खत्म होने की वजह से कई लोगों को टीके नहीं लग पाए। क्षेत्रीय पार्षद उर्मिला थापा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग टीका लगाने के लिए केंद्र आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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देहरादून में बड़ी संख्या में लोगों के टीकाकरण केंद्र पहुंचने व उपलब्धता न होने से कई लोग टीका नहीं लगवा पा रहे हैं। टीकाकरण केंद्रों पर भी इसके लिए होड़ दिखाई दे रही है।
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वहीं, पर्याप्त संख्या में टीके न होने के कारण टीका लगाने वाले स्वास्थ्य और अन्य विभागों के कर्मचारी भी केंद्रों पर टीके खत्म होने का नोटिस लगाकर लौट जा रहे हैं। विभिन्न केंद्रों पर मौजूद लोगों ने बताया कि किसी को ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कत आ रही है। तो कोई नंबर न आने पर बिना टीका लगाए घर वापस जा रहे हैं।
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जाखन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं वैलनेस सेंटर पर टीके खत्म होने की वजह से कई लोगों को टीके नहीं लग पाए। क्षेत्रीय पार्षद उर्मिला थापा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग टीका लगाने के लिए केंद्र आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
युवा वर्ग में है रोष
टीकाकरण करवाने के लिए पंजीकरण करवाने वाले 18 से 44 साल के युवक-युवतियों में इस बात को लेकर रोष है कि पंजीकरण करवाने के लिए निर्धारित समय पर जैसे ही मोबाइल हाथ में लेते हैं तो एक से दो मिनट में ही सब बुक हो जाते हैं। विशेषकर युवाओं का सरकार से अनुरोध है की टीकों की संख्या बढ़ाई जाय, ताकि सभी को शीघ्र ही टीका लग जाए।
आज से कोवैक्सीन भी लगी
कोविशील्ड के बाद अब आज से जिले में कोवैक्सीन भी लगाई जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि बुधवार को 18-44 वर्ष के 1905 लाभार्थियों का टीकाकरण हुआ। तीन दिन में इस आयु वर्ग में बुधवार तक कुल 5504 का टीकाकरण हो चुका है। इस तरह से जिले में विभिन्न श्रेणियों में बुधवार तक कुल 3.93 लाख से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने बताया कि विभिन्न केंद्रों पर टीकाकरण किया रहा है।
पांच हजार से अधिक युवाओं ने लग गया टीका
कोरोना संक्रमण की लहर को रोकने के लिए जनपद में चल रहा टीकाकरण अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। टीकाकरण अभियान सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू कर दिया गया।
युवा टीका लगवाने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़े हो गए थे। हालांकि, कुछ लोगों को स्लॉट नहीं मिलने से निराश होकर केंद्रों से वापस लौटना पड़ा। जनपद में तीन दिनों में 5381 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। गुरुवार को भी सभी केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है।
‘ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए बनाएं पंजीकरण सुविधा केंद्र’
गोपेश्वर में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा असमंजस में हैं। अधिकांश क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होने से वे अपना ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कई युवाओं को पंजीकरण के संबंध में पूर्ण जानकारी नहीं है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए पंजीकरण सुविधा केंद्र स्थापित कर गांव-गांव में वैक्सीनेशन कार्य करने की मांग उठाई।
जोशीमठ, निजमूला घाटी, उर्गम घाटी, डुमक, कलगोठ, पोखरी, घाट ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में लोगों को वैक्सीनेशन की प्रक्रिया मालूम नहीं है। निजमूला घाटी के जितेंद्र सिंह का कहना है कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया जटिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचार सुविधा का अभाव है, साथ ही पोर्टल भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
क्षेत्र में पंजीकरण सुविधा केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए। वहीं पोखरी ब्लॉक के बगवान गांव निवासी प्रकाश चमोला का कहना है कि गांवों में टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों को पंजीकरण की जानकारी नहीं है। पोर्टल पर भी पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन को अलग-अलग क्षेत्रों में पंजीकरण व टीकाकरण की व्यवस्था करनी चाहिए। इधर, कोविड इंचार्ज डा. उमा रावत ने बताया कि टीकाकरण के लिए जिले में 36 केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के 1.68 लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं।