Coronavirus in uttarakhand: महामारी के खिलाफ जंग में उत्तराखंड के लिए पिछले 17 दिन रहे खास
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कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में उत्तराखंड के लिए पिछले 17 दिन खास रहे। प्रदेश में कोरोना के संदिग्ध लक्षणों की जांच के लिए सैंपलिंग बढ़ाने के साथ ही संक्रमण फैलने की दर में कमी आई है।
प्रदेश में अब तक कुल 51 में से 28 लोग सही हो चुके हैं। उत्तराखंड में 15 मार्च को पहला कोरोना संक्रमित मामला देहरादून में मिला था। इसके बाद नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और अल्मोड़ा जनपद में संक्रमित मामले मिले हैं।
आठ अप्रैल को प्रदेश में संक्रमण की दर 2.86 प्रतिशत थी। पिछले 17 दिनों में लगातार संक्रमण की दर में कमी आई है। 24 अप्रैल तक प्रदेश में संक्रमण की दर 1.12 प्रतिशत पर आ गई है।
सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा के मुताबिक 19 से 25 अप्रैल तक एक सप्ताह में 1698 सैंपलोंं की जांच की गई। इसमें छह कोरोना संक्रति मामले मिले हैं। जबकि 17 संक्रमित मामले ठीक हुए हैं।
कोविड अस्पताल के प्रत्येक बेड पर होगी आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा
कोविड अस्पतालों के प्रत्येक बेड पर आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा होगी। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तीन श्रेणियों के हिसाब से अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रबंध किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, दून मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और एम्स ऋषिकेश को समर्पित कोविड अस्पताल घोषित किया है। इन अस्पतालों में संक्रमित गंभीर मरीज का इलाज किया जाएगा।
जबकि जिले स्तर पर चिन्हित समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर में संदिग्ध मरीज के इलाज के लिए प्रत्येक बेड में ऑक्सीजन की सुविधा होगी।