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Coronavirus: कोविड-19 से लड़ने को एंटी वायरल की पहचान के लिए शोध करेगा आईआईटी रुड़की

Thu, 28 May 2020 08:50 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 May 2020 08:50 PM IST
सार

  • विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) ने शोध को दी हरी झंडी
  • कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए एंटी वायरल मॉलेक्यूल की होगी पहचान

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coronavirus in uttarakhand Latest News: Iit Roorkee will Research for Identify Covid 19 Anti viral
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

कोरोना संकट के बीच आईआईटी रुड़की कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटी वायरल की पहचान पर शोध करेगा। संस्थान के प्रो. प्रवींद्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम के एक प्रस्ताव के बाद विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) ने इसे हरी झंडी दे दी है।

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शोध में प्रमुख वायरल रेप्लकेशन एंजाइम, आरएनए आश्रित आरएनए पोलीमरेज, वायरल प्रोटीज और मिथाइल ट्रांसफेरेज को लक्षित करने के लिए छोटे मॉलेक्यूल इन्हिबिटर की पहचान की जाएगी।
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प्रो. प्रवींद्र कुमार ने बताया कि ये एंजाइम वायरस स्पेसिफिक होते हैं, जो वायरल रोगाणु के जेनेटिक मैटेरियल यानी राइबो न्यूक्लिक एसिड (आरएनए) से घिरे होते हैं। वायरस स्पेसिफिक प्रोटीन वायरल पॉलीप्रोटीन में स्पेसिफिक पेप्टाइड बांड के दरार को उत्प्रेरित करता है।

दवाओं की पहचान की प्रक्रिया में तेजी आएगी

उन्होंने बताया कि शोध का उद्देश्य कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए एंटी वायरल मॉलेक्यूल की पहचान करना है। ये दवाओं की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। उन्होंने शोध की अनुमति देने के लिए विज्ञान एवं इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड का आभार जताया है।

यह शोध आईआईटी रुड़की के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रो. शैली तोमर और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर के डॉ. गौरव शर्मा के सहयोग से किया जाएगा, जो कोविड-19 के इलाज के लिए पहचाने गए मॉलेक्यूल की एंटी वायरल प्रभाव के आकलन में सहायता करेगा।

संस्थान के निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी का कहना है कि यह अप्रोच कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटी वायरल मॉलेक्यूल की पहचान में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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