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कोरोना काल : पनपने से पहले ही मुरझाई उत्तराखंड में शुरू की गई होम स्टे योजना

Fri, 10 Jul 2020 12:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 10 Jul 2020 12:37 PM IST
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coronavirus in uttarakhand latest news : Home stay scheme facing loss before it grows
रुपये - फोटो : pixabay

उत्तराखंड में 2016 में शुरू की गई होम स्टे योजना कोरोना काल की बंदिशों के चलते पनपने से पहले ही मुरझा गई है।

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ऐन पर्यटन सीजन के वक्त पर्यटकों की आवाजाही बंद होने से होम स्टे कारोबार को साढ़े तीन माह में ही एक अरब से अधिक की चपत लग चुकी है। अब राज्य की आर्थिकी और होम स्टे योजना को गति देेने के लिए जरूरी है कि अनलॉक-2 में इस योजना की क्षमताओं को उपयोग करने के लिए ठोस नीति तैयार की जाए।
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कोरोना की बंदिश ने होम स्टे संचालकों की भी कमर तोड़ी

कोरोना काल में पर्यटन पर बंदिश के चलते उत्तराखंड में होम स्टे संचालकों पर खासी मार पड़ी है। अनलॉक-2 में भी होम स्टे को स्थानीय स्तर पर सहयोग नहीं मिल पा रहा है। कोरोना काल में गढ़वाल मंडल में होम स्टे कारोबारियों को 50 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। 
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प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन की दशा बदलने का दावा करते हुए होम स्टे योजना शुरू की थी। कारण पहाड़ के गांव समृद्ध लोक परंपराओं और संस्कृति का बेजोड़ अनुभव तो देते ही हैं, साथ ही दुर्गम पहाड़ों तक पहुंचने, हिमालय की गोद में अठखेलियां करने का अहसास भी कराते हैं। इस तरह से देखा जाए तो होम स्टे प्रदेश में प्रकृति से जुड़ने, साहसिक पर्यटन का रोमांच अनुभव करने और सांस्कृतिक रूप से स्थानीयता को जानने और समझने का तरीका भी है।

परवान नहीं चढ़ पा रही है यह योजना

इतना होने पर भी यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस साल कुल पांच हजार होम स्टे के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक मात्र 1842 का ही पंजीकरण हो पाया है। इस वर्ष योजना के गति पकड़ने की उम्मीद भी बनी थी, लेकिन कोरोना महामारी नेे सभी सपनों पर पानी फेर दिया। नई गाइडलाइन जारी कर सरकार ने राज्यकर्मियों को भी सुविधा दी थी कि वे होम स्टे करने पर रियायत ले सकें। सरकार की कोशिश इस योजना को हाई एंड टूरिज्म के रूप में विकसित करने की भी है।

कहां कितने पंजीकरण

उत्तरकाशी-210
चमोली-299
टिहरी-133
देहरादून-377
पौड़ी-60
रुद्रप्रयाग-101
हरिद्वार -15
अल्मोड़ा-126
बागेश्वर-66
नैनीताल-226
ऊधमसिंह नगर-6
पिथौरागढ़-218
चंपावत-15
कुल-1842

पांच करोड़ का बजट जारी

ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत गांवों में होम स्टे के विकास के लिए सरकार की तरफ से पैसा दिया जाता है। ग्रामीण पर्यटन उत्थान योजना में अल्मोड़ा जिले के गांव मावड़ा में पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश में ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन की धुरी होम स्टे योजना की क्षमता को हासिल करना बाकी है। करीब चार साल बाद भी योजना के तहत केवल 1842 घरों को ही जोड़ा जा सका है।

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