Coronavirus in Uttarakhand : स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार में बढ़ाएगा कोरोना सैपलिंग की क्षमता
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स्वास्थ्य विभाग अब कोरोना सैंपलिंग की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने रोजाना पांच हजार कोरोना संदिग्ध लोगों के सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि अब तक डेढ़ हजार से लेकर दो हजार तक कोरोना सैंपल एकत्र किए जा रहे थे।
हरिद्वार में बीते दिनों के मुकाबले कोरोना मरीजों की संख्या में खासी कमी आई है। वहीं कोरोना का मात देकर घर लौटने वाले मरीजों की तादाद भी बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण हल्के में नहीं लेना चाहता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग अब जिले में कोरोना सैंपलिंग की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके झा ने बताया कि अब रोजाना पांच हजार लोगों के कोरोना सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सैंपल लेने वाली टीमों की संख्या को बढ़ाकर 30 कर दिया गया है। हर टीम में तीन स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।
जबकि मित्र लैब भी रोजना 200 सैंपल एकत्र करने के साथ जांच भी करेगी। मेला अस्पताल में छह ट्रू नेट मशीन से भी 300 से 400 कोरोना सैंपल की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा सरकार के निर्धारित शुल्क पर कोरोना जांच के लिए इच्छुक निजी पैथोलॉजी लैबों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। निजी पैथोलॉजी लैब में भी सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। जबकि मरीज स्वयं भी इन लैब में जांच करा सकेंगे।
ये है कोरोना जांच का निर्धारित शुल्क
एंटीजन जांच - 719 रुपये
आरटीपीसीआर - 2000 रुपये (सैंपल भेजने पर)
आरटीपीसीआर - 2400 रुपये (सैंपल एकत्र करने पर)
ऐसे बढ़ा कोरोना सैंपलिंग का ग्राफ
हरिद्वार में अप्रैल में कोरोना का पहला मामला प्रकाश में आया था। शुरुआत में रोजाना 50 से 100 लोगों की जांच की गई। मई में मरीज बढ़े तो जांच का आंकड़ा 250 से 300 तक पहुंच गया। जून में प्रवासियों की घर वापसी शुरू हुई। तब सैंपलिंग की संख्या बढ़कर 700 से 900 की गई।
जुलाई से औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मामले सामने आए। तब स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की संख्या एक हजार से 1500 तक कर दी। अगस्त और सितंबर में बड़े पैमाने पर कोरोना मरीज मिलने लगे। इसपर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना सैंपलिंग की क्षमता बढ़ाकर रोजाना दो हजार से 2500 तक कर दी। अब एक बार फिर जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है।
हरिद्वार में कोरोना सैंपलिंग की क्षमता बढ़ाई जा रही है। रोजाना पांच हजार सैंपल एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सैंपल कलेक्शन टीम की संख्या बढ़ाई गई है। वहीं, निर्धारित शुल्क पर कोरोना जांच के लिए इच्छुक निजी लैबों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।
- एसके झा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार