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लॉकडाउन से गायब हुई पुष्प कारोबार की सुगंध, लगभग 250 करोड़ का नुकसान
Mon, 10 Aug 2020 04:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 10 Aug 2020 04:27 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
कोविड महामारी के कारण उत्तराखंड में फूलों का कारोबार पूरी तरह से चौपट गया है। पॉलीहाउस लगा कर विभिन्न प्रकार के पुष्प उत्पादन कर रहे उत्पादक अब फूलों की जगह सब्जी उगाने को मजबूर हैं। पुष्प उत्पादकों को बैंकों से लिया कर्ज चुकाने में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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लॉकडाउन के कारण प्रदेश में फूलों के कारोबार को लगभग 250 करोड़ का नुकसान हुआ है। राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में फूलों की खेती का विस्तार हुआ है। पहले जहां 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फूलों की खेती होती थी। वहीं अब 1563 हेक्ंटेयर में पैदावार होती है।
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बाजार में फूलों की मांग को देखते हुए प्रदेश में कई युुवाओं ने पॉलीहाउस लगा कर फूलों की खेती शुरू की। लेकिन लॉकडाउन ने कारोबार की महक गायब कर दी है। कोविड महामारी के कारण शादी समारोह, धार्मिक व अन्य कार्यक्रम आयोजित न होने के कारण में फूलों का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है।
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पालीहाउस में ही फूल सड़ कर खराब हो गए। पुष्प उत्पादकों की मांग है कि लॉक डाउन से फूलों की खेती को हुए नुकसान की भरपाई की जाए और मनरेगा योजना से श्रमिकों को भुगतान किया जाए।
दो सौ बीघा पर पॉलीहाउस लगाकर फूलों की खेती शुरू की थी। लॉकडाउन से कारोबार पूरी तरह से खत्म हो गया है। फूलों की जगह अब पॉलीहाउस में शिमला मिर्च लगाई है। सरकार की ओर से नुकसान को लेकर सर्वे किया गया। लेकिन अभी तक पुष्प उत्पादकों को सरकार की तरफ से किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
- विशाल भारद्वाज, पुष्प उत्पादक एमबी फार्म
पुष्प क्षेत्रफल उत्पादन
जलबेरा 112 1070 लाख स्पाइक
कारनेशन 20 125 लाख स्पाइक
ग्लेडियोलाई 284 645 लाख स्पाइक
लिलियम 12 23 लाख स्पाइक
गेंदा 839 2643 मीट्रिक टन
गुलाब 145 213 मीट्रिक टन
रजनीगंधा 17 18 मीट्रिक टन
अन्य पुष्प 134 144 मीट्रिक टन