फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : cremation data in village will be prepare in haridwar

हरिद्वार : गांवों में अंतिम संस्कारों का भी तैयार होगा डाटा, लेखपालों को देनी होगी रिपोर्ट

Thu, 13 May 2021 04:30 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 13 May 2021 04:30 PM IST
सार

शहर के कनखल व खड़खड़ी श्मशान घाट समेत अधिकांश श्मशान और कब्रिस्तानों में होने वाले अंतिम संस्कार का डाटा जिला प्रशासन के पास पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में गांवों में भी संक्रमित होकर मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : cremation data in village will be prepare in haridwar
संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार का भी डाटा तैयार किया जाएगा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

हरिद्वार के गांवों में कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार का भी डाटा तैयार किया जाएगा। श्मशान और कब्रिस्तान में होने वाले शवों की हर दिन की रिपोर्ट लेखपालों को देनी होगी। कोरोना संक्रमितों शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए शहरों में तो संग्रह अमीनों को लगाया गया है।

विज्ञापन


ब्लैक फंगस: कोविड को मात देने वालों की आंखों की रोशनी छीन रहा ये नया दुश्मन
विज्ञापन


शहर के कनखल व खड़खड़ी श्मशान घाट समेत अधिकांश श्मशान और कब्रिस्तानों में होने वाले अंतिम संस्कार का डाटा जिला प्रशासन के पास पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में गांवों में भी संक्रमित होकर मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसका कहीं कोई डाटा तैयार नहीं हो रहा है। इससे गांवों के कोविड शवों से अभी तक प्रशासन भी अंजान बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना से मौतें: हरिद्वार में बनेगा स्पेशल कोविड अस्थायी श्मशान घाट, एक साथ 16 शवों का हो सकेगा दाह संस्कार 

कोरोना मौत का आंकड़ा भी सही जारी नहीं हो पा रहा है। अंतिम संस्कार होने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाइन का भी पालन करने में लापरवाही की जा रही है। इसकी वजह से गांवों में कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ रही है।

इसको देखते हुए जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने समस्त एसडीएम को गांवों के श्मशान और कब्रिस्तान में होने वाले कोविड शवों के दाह संस्कार की हर दिन की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि लेखपालों को प्रत्येक दिन की रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए हैं। 

डीपीआरओ ने परखी क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था 

हरिद्वार जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने गांव में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों और सैनिटाइजेशन कार्य का पंचायतों में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासकों को कोरोना संक्रमण से गांवों को बचाने के लिए सही ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। 

रुड़की : ‘गांव-गांव समिति बनाकर खांसी-बुखार पीड़ितों की सूची बनाएं’, एएसडीएम ने दिए निर्देश 

ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का कहर रोकने के लिए एएसडीएम पूरण सिंह राणा ने ब्लॉक सभागार नारसन में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव समिति बनाकर खांसी, जुकाम और बुखार आदि से पीड़ित ग्रामीणों की सूची तैयार कर प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

साथ ही कहा कि बाहर से आने वाले राज्य के प्रवासियों को क्वारंटीन करने, टीकाकरण और कोविड टेस्ट कराने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। गौरतलब है कि कोरोना महामारी अब शहरों के साथ गांवों में तेजी से बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। जगह-जगह गांवों में खांसी, बुखार और जुकाम से लोगों के पीड़ित होने की सूचनाएं मिल रही है। साथ ही कई गांवों में इन लक्षणों के बाद लोगों की मौत तक हो रही है।

लिहाजा गांवों में कोरोना संक्रमण का कहर रोकने के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एएसडीएम पूरण सिंह राणा ने कोरोना संक्रमण की चेन को ब्रेक करने और टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed