हरिद्वार : गांवों में अंतिम संस्कारों का भी तैयार होगा डाटा, लेखपालों को देनी होगी रिपोर्ट
शहर के कनखल व खड़खड़ी श्मशान घाट समेत अधिकांश श्मशान और कब्रिस्तानों में होने वाले अंतिम संस्कार का डाटा जिला प्रशासन के पास पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में गांवों में भी संक्रमित होकर मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
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हरिद्वार के गांवों में कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार का भी डाटा तैयार किया जाएगा। श्मशान और कब्रिस्तान में होने वाले शवों की हर दिन की रिपोर्ट लेखपालों को देनी होगी। कोरोना संक्रमितों शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए शहरों में तो संग्रह अमीनों को लगाया गया है।
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शहर के कनखल व खड़खड़ी श्मशान घाट समेत अधिकांश श्मशान और कब्रिस्तानों में होने वाले अंतिम संस्कार का डाटा जिला प्रशासन के पास पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में गांवों में भी संक्रमित होकर मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसका कहीं कोई डाटा तैयार नहीं हो रहा है। इससे गांवों के कोविड शवों से अभी तक प्रशासन भी अंजान बना हुआ है।
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कोरोना मौत का आंकड़ा भी सही जारी नहीं हो पा रहा है। अंतिम संस्कार होने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गाइड लाइन का भी पालन करने में लापरवाही की जा रही है। इसकी वजह से गांवों में कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ रही है।
इसको देखते हुए जिलाधिकारी सी रवि शंकर ने समस्त एसडीएम को गांवों के श्मशान और कब्रिस्तान में होने वाले कोविड शवों के दाह संस्कार की हर दिन की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि लेखपालों को प्रत्येक दिन की रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
डीपीआरओ ने परखी क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था
हरिद्वार जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने गांव में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों और सैनिटाइजेशन कार्य का पंचायतों में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासकों को कोरोना संक्रमण से गांवों को बचाने के लिए सही ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
रुड़की : ‘गांव-गांव समिति बनाकर खांसी-बुखार पीड़ितों की सूची बनाएं’, एएसडीएम ने दिए निर्देश
ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का कहर रोकने के लिए एएसडीएम पूरण सिंह राणा ने ब्लॉक सभागार नारसन में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने गांव-गांव समिति बनाकर खांसी, जुकाम और बुखार आदि से पीड़ित ग्रामीणों की सूची तैयार कर प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साथ ही कहा कि बाहर से आने वाले राज्य के प्रवासियों को क्वारंटीन करने, टीकाकरण और कोविड टेस्ट कराने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। गौरतलब है कि कोरोना महामारी अब शहरों के साथ गांवों में तेजी से बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। जगह-जगह गांवों में खांसी, बुखार और जुकाम से लोगों के पीड़ित होने की सूचनाएं मिल रही है। साथ ही कई गांवों में इन लक्षणों के बाद लोगों की मौत तक हो रही है।
लिहाजा गांवों में कोरोना संक्रमण का कहर रोकने के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। एएसडीएम पूरण सिंह राणा ने कोरोना संक्रमण की चेन को ब्रेक करने और टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए।