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उत्तराखंड में कोरोना : देहरादून की दो प्राइवेट लैब में कोरोना जांच ठप, लोग परेशान
Sun, 18 Apr 2021 03:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 18 Apr 2021 03:37 PM IST
सार
सरकार ने जिले में पांच प्राइवेट लैब, ज्यादातर बड़े अस्पतालों को भी कोविड जांच की अनुमति दी है। लाल पैथलैब्स और एसआरएल डायग्नोस्टिक की ओर से लोगों को घर पर कोविड सैंपल देने की सुविधा दी जा रही थी।
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जांच करता स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
राजधानी की दो प्रमुख प्राइवेट लैब में कोरोना जांच ठप हो गई है। दोनों ही प्राइवेट लैब की ओर से लोगों को घर पर ही सैंपल जांच की सुविधा दी जा रही थी। हालांकि, उनकी ओर से समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। इस पर सरकार ने उन्हें तय समय में जांच रिपोर्ट देने और संक्रमित का रियल टाइम डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद से दोनों लैबों में जांच नहीं हो रही है। इससे अन्य प्राइवेट लैब और जांच केंद्रों पर दबाव बढ़ गया है।
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सरकार ने जिले में पांच प्राइवेट लैब, ज्यादातर बड़े अस्पतालों को भी कोविड जांच की अनुमति दी है। लाल पैथलैब्स और एसआरएल डायग्नोस्टिक की ओर से लोगों को घर पर कोविड सैंपल देने की सुविधा दी जा रही थी। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिए। हालांकि, जांच का दबाव बढ़ने से बैकलॉग बढ़ गया और रिपोर्ट तय समय पर नहीं मिल पाई। साथ ही लैब प्रशासन को भी संक्रमितों का डाटा समय पर उपलब्ध नहीं करा पाई।
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लैब के घर जाकर सैंपल न लेने से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। विशेषकर बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार लोगों को इससे लाभ मिल रहा था। साथ ही भीड़ से बचकर लोग आसानी से घर पर ही जांच करवा रहे थे। सहूलियत के लिए प्रशासन की ओर से जिले में 40 से अधिक जांच केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर में काफी भीड़ है। लोगों को जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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वहीं, लाल पैथलैब से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने मेल भेजकर जो व्यवस्था बनाने को कहा है, उस पर काम चल रहा है। लैब प्रबंधन इस संबंध में जल्द ही फैसला लेगा। बीते सोमवार से हम जांच नहीं कर रहे हैं।
सभी निजी लैब को मेल भेजकर 48 घंटे में कोरोना जांच पूरी कर पोर्टल पर डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। कोरोना की जांच समयबद्ध ढंग से होनी चाहिए। इसमें रियल टाइम डाटा मिलना बेहद जरूरी है, तभी संक्रमित की निगरानी हो सकेगी। अभी लैब की तरफ से जवाब नहीं आया है। केवल वही लैब जांच कर सकेंगी जो 48 घंटे में जांच प्रक्रिया पूरी कर डाटा उपलब्ध करा देंगी।
- डॉ. राजीव दीक्षित, जिला सर्विलांस अधिकारी
हमारी तरफ से किसी भी प्राइवेट लैब की जांच पर रोक नहीं लगाई गई है। हमने सबको सिर्फ आरसीएमआर की गाइडलाइन का पालन करते हुए 24 से 48 घंटों के भीतर डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अगर डाटा मिलने में देर होगी तो संक्रमित की निगरानी मुश्किल होगी। वहीं, जितनी देर से रिपोर्ट मिलेगी, संक्रमित व्यक्ति उतना ज्यादा संक्रमण फैला चुका होगा।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
स्वास्थ्य विभाग ने मेल भेजकर 24 से 48 घंटों के भीतर कोरोना जांच की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। अभी यह व्यवस्था नहीं बन पा रही है। हालांकि, हमने अभी तक मेल का जवाब नहीं दिया है। लेकिन, लैब में फिलहाल कोरोना जांच नहीं हो रही है।
- सुमन सिंह नेगी, एसआरएल डायगोनिस्टक
घंटों बाद भी नंबर नहीं आने पर भड़का युवक
दून अस्पताल में घंटों इंतजार करने के बाद भी कोरोना जांच के लिए नंबर न आने और नियम विरुद्ध महिला पुलिस अधिकारी के कोरोना जांच कराने पर युवक भड़क गया। आलम यह रहा है कि सुरक्षाकर्मियों के समझाने के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो पुलिस बुलाने की नौबत आ गई। पुलिस ने युवक को समझाया तब जाकर मामला शांत हुआ।
मामला शनिवार दोपहर दून अस्पताल का है। जहां कोरोना जांच कराने आए एक युवक ने आरोप लगाया कि घंटों लाइन में इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं आया। जबकि, अचानक एक महिला पुलिस अधिकारी अस्पताल में आई और बिना लाइन में लगे अपनी जांच करा दी। इस पर युवक भड़क गया।
दून अस्पताल में दो बजे तक ही कोरोना की जांच की जा रही है। ऐसे में दोपहर एक बजे के बाद कोरोना जांच कराने आए लोगों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।