Coronavirus in Uttarakhand : वार्ड का दरवाजा तोड़ दून अस्पताल से भागा संक्रमित मरीज, पुलिस की मदद से पकड़ा
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दो जून को सहारनपुर निवासी 27 वर्षीय एक युवक को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय से सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता न मिलने पर वह दिमागी तौर पर परेशान रहने लगा। मानसिक स्थिति खराब होने पर परिजनों ने उसे एक पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया था। कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वार्ड-14 में भर्ती संक्रमित युवक बुधवार शाम करीब पांच बजे वार्ड का दरवाजा तोड़कर भाग निकला। नर्सिंग स्टाफ ने इसकी सूचना डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री को दी। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। उसे कई जगह ढूंढा लेकिन कहीं पता नहीं चला। अस्पताल के एमआरआई इंचार्ज महेंद्र भंडारी, एमआरआई असिस्टेंट गौरव और जनसंपर्क अधिकारी संदीप राणा किट में उसे ढूंढते-ढूंढते हरिद्वार रोड पर पहुंच गए।
इसी बीच उन्हें एक निजी नर्सिंग होम के ठीक सामने युवक खड़ा दिखाई दिया। इनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सभी ने इसकी घेराबंदी की। इसी बीच युवक ड्राइवर की सीट पर बैठ गया और वाहन स्टार्ट कर दिया। इससे पुलिस के हाथ पांव फुल गए। किसी तरह संक्रमित युवक को काबू कर अस्पताल कर्मचारियों ने पीछे बिठाया और अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है इससे पहले भी युवक अस्पताल के वार्ड ब्वॉय की पिटाई कर चुका है।
एफआरआई के दो बच्चों की अलग से होगी बोर्ड परीक्षा
एफआरआई परिसर में रहने वाले दो बच्चों की बोर्ड परीक्षा अलग से होगी। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के दौरान एफआरआई परिसर के पूरी तरह लॉकडाउन होने के कारण दोनों बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। विभाग ने छूटे हुए विषयों के पेपर के साथ ही दोनों बच्चे के पेपर भी कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड बोर्ड के छूटे हुए विषयों की परीक्षा 22 से 25 जून के बीच होनी है। राजधानी में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से अभी 15 को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। हालांकि अगले कुछ दिनों में इन्हें खाली कर दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों में बदलाव नहीं किया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने बताया कि परीक्षा ड्यूटी में कुछ शिक्षकों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार ने 55 वर्ष से अधिक उम्र और 10 वर्ष से कम उम्र की संतान वाले शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त रखने के निर्देश दिए हैं। जिन केंद्रों से ऐसे शिक्षकों को हटाया जाएगा, उनके स्थान पर नए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बिना मास्क नहीं मिलेगी एंट्री
बोर्ड परीक्षा देने के लिए बच्चों को मास्क अनिवार्य रूप से पहनकर आना होगा। सीईओ आशारानी पैन्यूली ने बताया कि मास्क के अलावा प्रत्येक परीक्षा केंद्र में सैनिटाइजर, हैंडवॉश इत्यादि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले सभी बच्चों को हाथ धोने या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा जाएगा। परीक्षा खत्म होने के बाद बच्चों को सीधे घर लौटने की सलाह दी जाएगी।