उत्तराखंड: 24 घंटे में मिले कोरोना के 4482 नए मरीज, छह की मौत, सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 20 हजार पार
वर्तमान में 20620 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 90.49 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 13.50 प्रतिशत पहुंच गई है।
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उत्तराखंड में मंगलवार को 4482 नए मामले सामने आए हैं। वहीं छह लोगों की मौत भी हुई है। पिछले 24 घंटे में 1865 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 341797 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। वर्तमान में 20620 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 90.49 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 13.50 प्रतिशत पहुंच गई है।
देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 1687 संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 644, हरिद्वार में 582, ऊधमसिंह नगर में 398, चंपावत में 104, पौड़ी में 270, अल्मोड़ा में 207, टिहरी में 157, पिथौरागढ़ में 30, बागेश्वर में 81, चमोली में 202, रुद्रप्रयाग में 75 और उत्तरकाशी जिले में 45 संक्रमित मिले हैं।
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प्रदेश में हर स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई के लिए समय सारणी करेंगा तैयार
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों को अगले आदेश तक के लिए बंद किया गया है, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि हर स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई के लिए समय सारिणी तैयार करेगा। वही कोरोना को लेकर जारी एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक शिक्षकों की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए तैयार की गई समय सारणी से प्रधानाचार्य को एवं प्रधानाचार्य ब्लॉक स्तर पर इसकी जानकारी देंगे। समय-समय पर इसके पालन की पुष्टि भी की जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी और समय-समय पर इसकी जांच होगी। शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि छात्र-छात्राओं के पास मोबाइल व अन्य उपकरणों की कमी हो सकती है।
जिसे देखते हुए छात्रों के अभिभावकों या उनके आस-पास के पारिवारिक सदस्यों के स्मार्ट फोन को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए और उनकी सुविधा के अनुसार समय-सारणी बनाई जाए। इसके अलावा पीएम ई विद्या के तहत केंद्र सरकार द्वारा कक्षा एक से 12 तक के लिए टेलीविजन के माध्यम से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित शिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं को इन कार्यक्रमों का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन भी किया जाए।
औली में रोपवे और चेयर लिफ्ट का संचालन शुरू
जोशीमठ में औली रोपवे और चेयर लिफ्ट का संचालन एक सप्ताह बंद रहने के बाद मंगलवार से फिर से शुरू कर दिया गया है। रोपवे का संचालन होने से पर्यटकों को भारी राहत मिली है। मंगलवार को 70 पर्यटकों ने रोपवे से और 65 पर्यटकों ने चेयर लिफ्ट से आवाजाही की।
10 जनवरी को रोपवे के 27 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ गए थे, जिसके चलते प्रशासन ने रोपवे का संचालन बंद करवा दिया था। एक सप्ताह बंद रहने के बाद इसका फिर से संचालन शुरू किया गया है। रोपवे और चेयर लिफ्ट बंद होने से औली घूमने आने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
जोशीमठ-औली रोड पर बर्फ और पाला जमने से वाहनों का संचालन भी खतरनाक बना हुआ है, जिससे पर्यटकों के वाहन जगह-जगह फंस रहे थे। ऐसे में पर्यटक पैदल ही औली पहुंच रहे थे। अब रोपवे और चेयर लिफ्ट शुरू होने से पर्यटकों को राहत मिलेगी। रोपवे प्रबंधक दिनेश भट्ट ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के तहत रोपवे और चेयर लिफ्ट का संचालन शुरू कर दिया गया है।
एलबीएस मसूरी में 85 प्रशिक्षु अधिकारी और अन्य निकले कोरोना संक्रमित
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बुधवार को बताया कि एलबीएस मसूरी में 85 प्रशिक्षु अधिकारी और अन्य लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सभी को अकादमी में ही आइसोलेट किया गया है। उन्होंने बताया कि उनके संपर्क में आए अधिकारियों और कर्मचारियों समेत अन्य की भी की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। इन सभी का भी आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाएगा।
कोरोना : बेस अस्पताल में 20 बेड का नया आईसीयू तैयार
अब कोटद्वार और निकटवती पर्वतीय क्षेत्र के कोरोना संक्रमित मरीजों को आईसीयू बेड की कमी के कारण हायर सेंटर रेफर नहीं किया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इसके लिए अब बेस अस्पताल कोटद्वार में 20 बेड की आधुनिक जीवन रक्षा प्रणाली से सुसज्जित अतिरिक्त आईसीयू वार्ड की स्थापना की गई है। अब कोटद्वार बेस अस्पताल में नवनिर्मित 20 बेड सहित 34 बेड आईसीयू के हो गए हैं।
राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार, पौड़ी जिले की करीब 80 फीसदी आबादी के अलावा उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के निकटवर्ती क्षेत्र के लोगों को अपनी स्वास्थ्य सुविधाएं देता है। यहां पर ओपीडी अधिक होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इसे पौड़ी जिले का मुख्य कोरोना अस्पताल बनाया है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में पर्याप्त आईसीयू बेड नहीं होने के कारण कई गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया था, जिसके कारण मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
वर्ष 2018 में राज्य सभा सदस्य अनिल बलूनी की ओर से बेस अस्पताल में सांसद निधि से चार बेड का आईसीयू तैयार करवाया गया था। गत वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में 10 बेड का आईसीयू और अब तीसरी लहर के लिए 20 बेड का आईसीयू तैयार किया गया है। इस तहत अब बेस अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या 34 हो गई है। सभी 34 आईसीयू बेड जीवन रक्षक प्रणाली से लेस किए गए हैं।
कोटद्वार बेस अस्पताल में पूर्व में 14 बेड का आईसीयू संचालित किया जा रहा था। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अब 20 बेड का नया आईसीयू बनाया गया है, जिसका कार्य प्रारंभ हो चुका है।
- डॉ. प्रवीन कुमार, सीएमओ पौड़ी