उत्तराखंड में कोरोना: पिछले 24 घंटे में मिले 814 संक्रमित, अकेले देहरादून जिले में 325 मामले
प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत घट कर 95.40 प्रतिशत हो गई है। वहीं, सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 5.59 प्रतिशत पहुंच गई है।
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उत्तराखंड में बीते 24 घंटों में 814 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। शुक्रवार को किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। आज देहरादून जिले में 325 संक्रमित मिले हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत घट कर 95.40 प्रतिशत हो गई है। वहीं, सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 5.59 प्रतिशत पहुंच गई है।
हरिद्वार में 119, नैनीताल में 233, पौड़ी में 21, ऊधमसिंह नगर में 35, बागेश्वर में 10, अल्मोड़ा में 14, चमोली में पांच, टिहरी में 12, चंपावत में आठ, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में छह और उत्तरकाशी जिले में 10 जिले में एक संक्रमित मिले हैं। जबकि 147 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। इन्हें मिलाकर अब तक 347912 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
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देहरादून आरटीओ में एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव
देहरादून स्थित आरटीओ कार्यालय में एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कार्यालय को बंद कर दिया गया है। कार्यालय के सभी कर्मचारियों की जांच की जा रही है। शुक्रवार से ही लोगों के काम बंद हो गए हैं। अगले आदेश तक आरटीओ कार्यालय पूरी तरह बंद रहेगा। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, परमिट, टैक्स समेत अन्य काम पर इसका असर पड़ा है।
कोरोना मरीजों के बिल प्रतिपूर्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
कोरोना काल में निजी अस्पतालों संचालकों द्वारा मरीजों से निर्धारित से ज्यादा वसूले गए शुल्क को लौटाने की मांग को लेकर देहरादून निवासी अभिनव थापर की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। थापर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जून 2020 में निजी अस्पतालों के कोरोना मरीजों के इलाज के संबंध में शुल्क तय किया गया था। फिर भी कई राज्यों में निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से लाखों रुपये के बिल वसूले गए।
इन सबके दृष्टिगत देश में कोरोना मरीजों को निजी अस्पतालों द्वारा अत्यधिक खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए अभिनव थापर की जनहित याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, समस्त राज्यों व केंद्र शासित राज्यों से जवाब तलब किया था। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अत्यधिक बिल चार्ज के विषय में गंभीर चिंता व्यक्त की है। कुछ राज्यों ने जवाब दाखिल किए और कई राज्यों ने थोड़ा समय मांगा। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने 10 जनवरी को सुनवाई का समय दिया है।
उत्तराखंड में 13674 ऑक्सीजन युक्त बेड
कोविड महामारी की दूसरी लहर से सबक लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में आईसोलेशन, आईसीयू और ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या बढ़ाई है। अब कोरोना की तीसरी लहर इंतजाम की परीक्षा लेगी। सरकार और स्वास्थ्य महकमे के सामने सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण रोकने की है।
कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों में संक्रमितों को बेड नहीं मिल रहे थे। इससे सबक लेते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर की संभावनाओं के लिए पहले से ही तैयार कर ली थी। अस्पतालों में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाई गई। दूसरी लहर के बाद प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 53 प्रतिशत आईसीयू बेड में वृद्धि की गई है। वहीं पीएसए ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में 91 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई।
राज्य में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए कुल 27186 आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा 13674 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों में 6572 ऑक्सीजन बेड आरक्षित किए गए हैं। राज्य में कुल 2113 आईसीयू बेड, 1451 वेंटिलेटर उपलब्ध है। प्रदेश में कुल 22420 ऑक्सीजन सिलिंडर, 9828 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर, 71 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट कार्यशील है। इसके अलावा 17 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लेकर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त, बेड, आईसीयू और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। सभी जिलों के सीएमओ को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को संचालित अवस्था में रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से गठित राज्य स्तरीय टीम को निगरानी के लिए जिलों में भेजा जा रहा है।
घबराएं नहीं, पर बेहद सतर्क रहें
कोरोना के मामले देहरादून जिले में लगातार तेजी बढ़ रहे हैं। इसी के साथ अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इनमें अधिकांश मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है। दून अस्पताल में 17 कोरोना के मरीज भर्ती हो गए हैं। जिनमें से 12 मरीज आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे में कोरोना या नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर घबराएं नहीं, लेकिन इससे बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
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कोरोना के स्टेट कॉर्डिनेटर एवं राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि अभी तक जो बात सामने आ रही थी कि कोरोना के नए वैरिएंट में मरीजों को अस्पताल की जरूरत नहीं पड़ रही है, लेकिन अब लगातार अस्पताल में मरीजों का आना और भर्ती होना शुरू हो गया है। इसे लेकर अलर्ट रहना होगा।
कोरोना मरीजों के लिए नया डाइट चार्ट जारी
कोरोना मरीजों के बढ़ते हुए दून अस्पताल में मरीजों के लिए नया डाइट चार्ट जारी कर दिया है। उन्हें दूध, अंडे, संतरे, प्रोटीन डाइट आदि दी जाएगी। इसके लिए एमएस ने कैंटीन संचालक को निर्देशित कर दिया है। वहीं, डिस्पोजल बर्तनों में उन्हें खाना दिया जाएगा। मरीजों के बढ़ने के साथ ही इमरजेंसी और पीआरओ कार्यालय में सक्रियता बढ़ाई गई है। कोरोना वार्डों, आईसीयू में ऑक्सीजन के लिए मॉक ड्रिल की गई। प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई, प्रेशर एवं नोजल चेक किए गए। दावा किया गया कि सब कुछ दुरुस्त मिला है।