तीसरी लहर की दस्तक: उत्तराखंड के स्वास्थ्य सिस्टम पर अमर उजाला की पड़ताल, सुविधाओं का है ये हाल
उत्तराखंड में कोरोना की तीसरी लहर के बीच अमर उजाला ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लिया। पढ़ें यह खास रिपोर्ट...
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विस्तार
कोरोना की तीसरी लहर ने उत्तराखंड में भी दस्तक दे दी है। दूसरी लहर में कोरोना से लड़ने में कई दुश्वारियां सामने आई थीं। सबसे ज्यादा परेशानी अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बेड की उपलब्धता को लेकर आई थीं। उत्तराखंड के अस्पताल कोरोना से तीसरी जंग के लिए कितने तैयार हैं, हमने इसका जायजा लिया। पहली कड़ी के तौर पर अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बेड की उपलब्धता की बाबत रिपोर्ट पेश की जा रही है।
देहरादून : दूसरी लहर में 400 ऑक्सीजन बेड थे, अब हैं 3000
जिले में वर्तमान में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर तीन हजार से अधिक ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। जिनमें से सरकारी अस्पतालों में 1384, 382 आईसीयू युक्त बेड, 185 बच्चों और नवजातों के इंटेनसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बेड शामिल हैं। इसके अलावा बाकी ऑक्सीजन युक्त बेड जिले के निजी अस्पतालों में उपलब्ध बताए जा रहे हैं। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि गुरुवार को सभी निजी अस्पताल प्रबंधनों से ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की उपलब्धता के बारे में नवीनतम जानकारी मांगी गई है। साथ ही डॉ. उप्रेती ने बताया कि जब कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई थी उस वक्त जिले में लगभग 400 ऑक्सीजन और आईसीयू बेड उपलब्ध थे।
हरिद्वार : जनपद में कम हो गए 100ऑक्सीजन बेड
कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर में ऑक्सीजन बेड की संख्या घट गई है। दरअसल, कुंभ मेला में संचालित एक कोविड अस्पताल बंद होने से सौ ऑक्सीजन बेड कम हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन जरूरत पड़ने पर इसे गुरुकुल महाविद्यालय में संचालित करने का दावा कर रहा है। ओमिक्रॉन संक्रमण की दस्तक के साथ ही कोरोना के नए मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इससे सरकार और प्रशासन की चिंता भी बढ़ रही है। छोटे और बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की संख्या 1134 थी। मगर इस साल कुंभ मेला में बनाए गए अस्थायी पावन धाम बेस अस्पताल को बंद कर दिया गया है। इसमें सौ बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था थी। जिससे अब जनपद में 1034 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं।
चमोली में 404 हैं ऑक्सीजन वाले बेड
चमोली जनपद में जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में 404 बेड ऑक्सीजन युक्त हैं। गोपेश्वर के जिला अस्पताल में 80 बेड और 10 आईसीयू बेड हैं। जबकि सीएचसी सिमली में 75 बेड और उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग में 10 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि हमारे पास 775 ऑक्सीजन बेड स्थापित करने की क्षमता है। इसके लिए चार ऑक्सीजन जनरेटर सेट स्थापित किए गए हैं, जो जिला अस्पताल गोपेश्वर, सिमली और उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग में उपलब्ध हैं।
पौड़ी: कोटद्वार में दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की व्यवस्था
कोरोना की तीसरी लहर के लिए पौड़ी जिले के कोटद्वार बेस अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। बेस अस्पताल में दूसरी लहर की अपेक्षा तीसरी लहर के लिए अतिरिक्त तैयारियां की गई हैं। कोटद्वार बेस अस्पताल में 300 और 500 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का निर्माण किया गया है।100 बेड के कोरोना आईसोलेशन वार्ड में सभी बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था जुटाई गई है। इसके अलावा पूर्व में 10 बेड के अलावा 20 बेड का अन्य आईसीयू तैयार किया गया है।
नई टिहरी : 120 ऑक्सीजन बेड बढ़े
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। टिहरी जिले के अस्पतालों में 571 ऑक्सीजन बेड की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें से 120 ऑक्सीजन बेड बच्चों के लिए रिजर्व में रखे गए हैं। गत वर्ष की उपेक्षाकृत इस बार 120 ऑक्सीजन बेड की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल बौराड़ी और संयुक्त चिकित्सालय बौराड़ी में इस बार 12 आईसीयू बेड की सुविधा भी बढ़ाई गई है। गत वर्ष कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले के अस्पतालों में 471 ऑक्सीजन बेड की सुविधा उपलब्ध थी। एसीएमओ डॉ.एलडी सेमवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
पौड़ी : 779 ऑक्सीजन बेड
कोविड की तीसरी लहर को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा सजग व सतर्क है। जिले में 779 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था है। इनमें जनरल ऑक्सीजन के 568 ऑक्सीजन बेड हैं। जबकि पीडियाट्रिक के 135 ऑक्सीजन बेड हैं। एसीएमओ डॉ. रमेश कुंवर ने बताया कि जनपद पौड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में कोविड टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं।
रुद्रप्रयाग: 120 ऑक्सीजन बेड
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने माधवाश्रम अस्पताल कोटेश्वर में ऑक्सीजन सुविधा युक्त 120 बेड उपलब्ध हैं। अभी वार्ड में 88 बेड लगाए गए हैं, जबकि 32 बेड ऑपरेशन थिएटर से लगे वार्ड में हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीके शुक्ला ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। बीते वर्ष अस्पताल में ऑक्सीजन सुविधा वाले बेड 50 थे। साथ ही उन्होनें बताया कि अगर जरुरत पड़ी तो इस बार 150 से अधिक बेड तैयार किए जाएंगे।
उत्तरकाशी : दोगुने हुए ऑक्सीजन बेड
कोविड के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। विभाग का कहना है कि सभी सुविधाएं जुटाई गई हैं। सीएमओ डॉ. केएस चौहान ने बताया कि पूर्व में जिले में 338 ऑक्सीजन बेड थे। इस बार जनपद में कोविड के लिए फैब्रिकेटेड अस्पताल भी बनाए गए हैं। जिनमें 300 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं।
चंपावत : दूसरी लहर की अपेक्षा 20 ऑक्सीजन बेड ज्यादा
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में इस वक्त 141 बेड हैं। चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट और टनकपुर उप जिला अस्पताल के अलावा पाटी, बाराकोट और बनबसा के अस्पतालों में ये ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं। यह संख्या दूसरी लहर की अपेक्षा 20 अधिक है। जिले में तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट (चंपावत 100 एलपीएम, लोहाघाट 167.50 एलपीएम और टनकपुर एसडीएच में 500 एलपीएम) और डी टाइप (जंबो) 654 और 336 बी टाइप (छोटे) ऑक्सीजन सिलिंडर हैं।
पिथौरागढ़ : अस्पतालों में 401 ऑक्सीजन वाले बेड उपलब्ध
जिले के अस्पतालों में 401 ऑक्सीजन वाले बेड हैं, जो पिछली लहर के मुकाबले 387 अधिक हैं। जबकि पहली लहर में 14 ऑक्सीजन बेड जिला अस्पताल में थे। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि अस्पताल में 86, बेस अस्पताल में 100, नर्सिंग कॉलेज में 50, पीएचसी कनालीछीना में चार, सीएचसी बेड़ीनाग में 16, सीएचसी डीडीहाट में 10, सीएचसी धारचूला में 30, सीएचसी मुनस्यारी में 25, सीएचसी गंगोलीहाट में 30 और एमएच में 50 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। डीडीहाट, मुनस्यारी और धारचूला में भी ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
नैनीताल: जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि सुशीला तिवारी अस्पताल में 5000 एलपीएम के दो और एक हजार एलपीएम के चार ऑक्सीजन प्लांट हैं। बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल और रामनगर स्थित अस्पताल में पांच-पांच सौ एलपीएम के, बेस अस्पताल हल्द्वानी में 300 एलपीएम और महिला अस्पताल हल्द्वानी में 130 एलपीएम के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। पिछले साल जहां जिले में 500 जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर थे वहीं वर्तमान में दो हजार जंबो सिलिंडर उपलब्ध हैं। डीआरडीओ की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के परिसर में निर्मित जनरल वीसी जोशी कोविड अस्पताल में 1100 बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले हैं। छह निजी अस्पतालों में 350 बेडों की व्यवस्था की गई है। जिले में सरकारी अस्पतालों में 859 सरकारी बेडों में 333 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज और जनरल जोशी कोविड अस्पताल में 225 और निजी अस्पतालों में 151 आईसीयू उपलब्ध हैं। मेडिकल कालेज में 10 आईसीयू की भी उपलब्धता है।
बागेश्वर : ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन की है उपलब्धता
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। प्रभारी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया ने बताया कि जिले में 355 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में 400 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट), ट्रामा सेंटर में 250 एलपीएम, सीएचसी कांडा में 150 एलपीएम और सीएचसी कपकोट में 500 एलपीएम के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगे हैं। जिले में 771 डी टाइप और 376 बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। पांच लीटर के 256, 10 लीटर के 128 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं।
ऊधमसिंह नगर : दूसरी लहर की तुलना में अधिक बेड
वर्तमान में जिले में 1154 बेड ऐसे हैं, जिनमें ऑक्सीजन उपलब्ध है, जबकि दूसरी लहर के दौरान 1106 बेड ही उपलब्ध थे। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने बताया कि जिले में सात ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं, इनमें से जिला अस्पताल में लगा हुआ प्लांट ही चल रहा है जबकि बाकी प्लांट रिजर्व में रखे गए हैं। काशीपुर में कोरोना के नोडल अधिकारी डा. अमरजीत सिंह ने बताया कि तीसरी लहर के लिए 20 बेड का आईसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सीएमओ कार्यालय को नर्सिंग स्टाफ के लिए डिमांड भेजी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल टेस्टिंग किट की कोई दिक्कत नहीं है और वैक्सीनेशन भी अच्छे ढंग से चल रहा है।
अल्मोड़ा : 396 बेडों पर उपलब्ध है ऑक्सीजन
जिले में 98 वेंटिलेटर हैं, जबकि 396 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। 10 न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (निक्कू) और 10 पैडियट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पिक्कू) मौजूद हैं। दूसरी लहर के दौरान जिले में 300 ऑक्सीजन बेड बनाए गए थे, जबकि अब इनकी संख्या में 96 का इजाफा हो गया है। पहली लहर के दौरान तो जिले में एक भी ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं था। सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने बताया कि जिले में 13 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं, इनमें से 11 चालू हालात में हैं, जबकि दो रिजर्व में रखे गए हैं।