उत्तराखंड में कोरोना: पिछले 24 घंटे में मिले 505 संक्रमित, अकेले देहरादून में 253 नए मामले
प्रदेश में अब तक 346468 लोग संक्रमित हो चुके हैं। आज 119 लोग ठीक हुए हैं। राज्य में अब एक्टिव केस 1000 हो गए हैं।
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उत्तराखंड में एक दिन में पांच सौ से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं। संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ने के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या (एक्टिव केस) का आंकड़ा एक हजार पार हो गया है। जबकि 24 घंटे में 119 संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं। प्रदेश में अब तक 346468 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के सभी 13 जिलों में 505 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। जिसमें देहरादून जिले में 253 संक्रमित मिले हैं। हरिद्वार में 64, नैनीताल में 55, पौड़ी में 60, ऊधमसिंह नगर में 37, बागेश्वर में नौ, अल्मोड़ा, चमोली व टिहरी में पांच-पांच, चंपावत में तीन, पिथौरागढ़ में छह, उत्तरकाशी में दो, रुद्रप्रयाग जिले में एक संक्रमित मिला है। राहत यह है कि किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। जबकि 119 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। इन्हें मिलाकर अब तक 331628 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
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संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम है। जिससे प्रदेश में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा एक हजार पहुंच गया है। प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत घट कर 95.72 प्रतिशत हो गई है। वहीं, सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 2.74 प्रतिशत पहुंच गई है। जो एक सप्ताह पहले 0.19 प्रतिशत थी। देहरादून जिले की संक्रमण दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई।
पहाड़ों में भी बढ़ने लगे संक्रमित मामले
मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के बाद नौ पर्वतीय जिलों में संक्रमित मामले बढ़ने लगे हैं। पर्वतीय जिलों में पौड़ी में एक ही दिन में 60 नए संक्रमित मिले हैं। प्रदेश में जिस रफ्तार से संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं, उससे तीसरी लहर की दस्तक से इनकार नहीं किया जा सकता है। उत्तराखंड में कोविड 19 महामारी की दूसरी लहर में नौ जून 2021 को 513 संक्रमित मिले थे। उसके बाद बुधवार को 24 घंटे में 505 कोविड संक्रमित मिले हैं।
एनआईईपीवीडी के छह और छात्र कोरोना पॉजिटिव
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को छह अन्य छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ संस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या 18 पहुंच गई है। उधर जांच में नेगेटिव पाए जाने वाले छात्रों को घर भेजा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को राजपुर रोड स्थित एनआईईपीवीडी के चार छात्रों में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की थी। इसके बाद संस्थान के सभी शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों की कोरोना जांच की गई। बुधवार को आई रिपोर्ट के अनुसार छह अन्य छात्रों में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य अमित शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमितों को स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में संस्थान में ही क्वारंटीन किया गया है।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर रखी बात
प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के आठ मामले सामने आए हैं, इनमें से पांच मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, बाकी तीन मरीज भी अब स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी की गई है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर चल रहीं खबरों के बीच स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि अभी तक इस वैरिएंट ने कोई गंभीर रूप नहीं लिया है। अधिकांश रोगियों में यह बिना लक्षणों या हल्के-मामूली लक्षणों के साथ ही ठीक हो रहा है। ज्यादातर रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर किसी भी असामान्य स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में 27 हजार 186 आइसोलेशन बेड, 13 हजार 674 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, दो हजार 113 आईसीयू बेड, एक हजार 451 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। रोगियों के लिए 532 एंबुलेंस भी तैनात हैं। ओमिक्रॉन के प्रभावी नियंत्रण के लिए 22 हजार 420 ऑक्सीजन सिलिंडर, नौ हजार 828 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और 71 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट संचालित हो रहे हैं। जल्द ही 17 ऑक्सीजन प्लांट और शुरू होने वाले हैं।
कहा कि ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से निपटने के लिए ग्राम स्तर तक तैयारी की गई है। इसके लिए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेड, ऑक्सीजन व टेस्टिंग की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। तैयारियों को परखने के लिए जिलास्तर पर लगातार मॉकड्रिल भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए प्रदेश में 11 लैब संचालित हो रही हैं, जिनमें रोजाना औसतन 15 हजार जांच की जा रही हैं।
बिना मास्क के घूमने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश
राजधानी देहरादून समेत जिले भर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना मास्क के घूमने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएं और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो बिना मास्क के सड़कों पर घूम रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि भीड़-भाड़ भरे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों में भी सघन जांच की जाए और जो भी लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना गाइडलाइन के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करें। यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के घूमता पाया गया उसके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी और निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा।
जिलाधिकारी ने सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी है कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि सरकारी कार्यालयों में जो भी आमजन आ रहे हैं वे भी बिना मास्क के कार्यालयों में दाखिल न होने पाएं।