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उत्तराखंड: दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टेस्टिंग वैन के जरिए होगी कोरोना की जांच, तुरंत बाद दी जाएगी दवा किट

Mon, 10 May 2021 10:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 10 May 2021 10:40 PM IST
सार

सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव प्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य पंकज पांडेय, आईजी अमित सिन्हा संयुक्त रूप से मीडिया से मुखातिब हुए। जांच कम होने के सवाल पर मुख्य सचिव ने कहा कि हर दिन करीब 30 हजार जांच करना तय किया गया है।

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Coronavirus in Uttarakhand: Corona Test will be investigated through mobile testing vans in remote areas
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार दूरस्थ इलाकों के लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन का इंतजाम कर रही है। हर दिन कम से कम 30 हजार टेस्ट होंगे। आरटीपीसीआर के साथ ही रेपिड एंटीजन और अन्य तरीके से परीक्षण की भी तैयारी की जा रही है। 

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सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव प्रकाश, स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य पंकज पांडेय, आईजी अमित सिन्हा संयुक्त रूप से मीडिया से मुखातिब हुए। जांच कम होने के सवाल पर मुख्य सचिव ने कहा कि हर दिन करीब 30 हजार जांच करना तय किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब की व्यवस्था की जा रही है। इससे गांवों के लोगों को शहर नहीं आना होगा। 
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जांच के साथ ही मिलेगी दवा किट
अधिकारियों के मुताबिक कोविड के कारण मरने वालों में 76 प्रतिशत की मृत्यु अस्पताल पहुंचने के 48 घंटे के अंदर हो रही है। इसे देखते हुए तय किया गया है जो भी जांच कराएगा, उसे तुरंत ही कोरोना की दवाइयों का स्टेंडर्ड किट तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। जांच कराने वाले को परिणाम का इंतजार नहीं करना होगा। मुख्य सचिव ने लोगों से लक्षण दिखने के साथ ही उपचार शुरू करने की अपील की है। 

आईसीयू पर भी निगाह, समिति गठित
मुख्य सचिव ने बताया कि निजी अस्पतालों में यह भी सामने आ रहा है कि जिन लोगों को आइसीयू बेड की जरूरत नहीं हैं, वे बेड पर अधिकार जमाए बैठे हैं। इसके लिए समिति का गठन किया जा चुका है और वह इस मामले की जांच कर रही है। 

लगातार अपडेट करें बिस्तरों की जानकारी

स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कहा कि निजी अस्पतालों को सख्त चेतावनी दी गई है। उन्हें लगातार जानकारी अपडेट करनी होगी। जनसंपर्क अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक करने होंगे। एक टास्क फोर्स का भी गठन किया है, जिसमें डीएम, पुलिस, मेडिकल डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट होंगे, जो सभी शिकायतों पर संज्ञान लेकर आगे कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि रेमडिसिविर को क्लिनिकल प्रोटोकॉल के अनुसार ही उपयोग किया जाएगा। 

कोविड टीकों के आयात पर भी विचार
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश की क्षमता प्रतिदिन एक लाख टीकों की है। टीकों की कमी के कारण केंद्र सरकार से यह पूछा गया है कि क्या राज्य सरकार अपने स्तर पर टीकों का आयात कर सकती है। 

ये है पहले की तुलना में इस समय की स्थिति सुविधाएं   
  स्थिति                       2020       2021
आक्सीजन बेड               673        5500+
आईसीयू                       216        1390
वेंटीलेटर                      113         876
ऑक्सीजन सिलेंडर         1193       9900
कंसंट्रेटर्स                      275         1293
एंबुलेंस                         214        360 

अगले 15 दिन की तैयारी, 1300 बेड बढ़ेंगे

अमित नेगी ने बताया कि 500 बेड सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में बनेंगे। इसमें से 100 आईसीयू बेड होंगे। 500 बेड ऋषिकेश एम्स में। इसमें भी 100 बेड आईसीयू के होंगे। जौलीग्रांट में भी करीब 300 बेड बढ़ाए जाएंगे।

अभी हैं दो कंटेनर, शुक्रवार तक छह और मिल जाएंगे
देहरादून। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि ऑक्सीजन की लगातार आपूर्ति के लिए 12 कंटेनर की प्रदेश को दरकार है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड में दस लीटर प्रति मिनट की दर से सप्लाई होनी चाहिए। आईसीयू में 24 लीटर प्रति मिनट की सप्लाई होनी चाहिए। वर्तमान में 165 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है। भरे हुए बेड के लिए 130 मीट्रिक टन की जरूरत है। राज्य के पास 126 मीट्रिक टन प्रतिदिन के हिसाब से ऑक्सीजन है।

पांच टन प्रतिदिन अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट से मिल रही है। जल्द ही अन्य प्लांट से चार मीट्रिक टन मिलेगी। भारत सरकार ने 183 मीट्रिक टन की अनुमति दी है। इसमें 40 मीट्रिक टन जमशेदपुर प्लांट से है। 20 मीट्रिक टन दुर्गापुर बंगाल से मिलेगी। लगातार सप्लाई के लिए 12 कंटेनर चाहिए। सोमवार को दो कंटेनर मिले। शुक्रवार तक चार कंटेनर मिल जाएंगे।

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