चारधाम यात्रा 2020: निर्धारित तिथियों पर ही खुलेंगे चारों धामों के कपाट, सीधे बदरीनाथ रवाना होगी गाडू घड़ा यात्रा
- टिहरी राज दरबार में अति संक्षिप्त रूप में निभाई जाएंगी सभी धार्मिक रस्में
- निर्धारित तिथियों पर ही खुलेंगे उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट
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कोरोना के संक्रमण को देखते हुए इस बार बदरीनाथ गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा 18 अप्रैल को राज दरबार नरेंद्रनगर टिहरी (गढ़वाल) से सादगीपूर्ण रूप से सीधे बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी। डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के अध्यक्ष विनोद डिमरी ने बताया कि पंचायत के चार प्रतिनिधि 17 अप्रैल को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा विश्राम गृह पहुंच जाएंगे।
18 अप्रैल को राज दरबार से भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल का कलश (गाडू घड़ा) लेकर श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में 26 अप्रैल तक गाडू घड़ा की पूजा होगी।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए विशेष एहतियात रखी जाएगी। उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट पूर्व निर्धारित तिथियों एवं समय पर ही खुलेंगे।
इस दिन शुभ मुहूर्त में खुलेंगे कपाट
इस दौरान सरकारी एडवाइजरी और सामाजिक दूरी का पूर्णत अनुपालन किया जाएगा। मंदिरों के रावल एवं पुजारी नियमित पूजा-अर्चना करेंगे। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर खुलेंगे।
इस वर्ष श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट 29 अप्रैल को प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर खुल रहे हैं। जबकि, श्री गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 26 अप्रैल दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। इसी तरह श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 41 मिनट में खुलेंगे।