उत्तराखंड: मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच लोगों को डिस्चार्ज करने के बाद एम्स में दोबारा किया भर्ती
- लक्षण नहीं दिखाई देने पर पांच परिजनों को ऋषिकेश एम्स से कर दिया था डिस्चार्ज, बाद में दोबारा पहुंचने पर कर लिया गया भर्ती
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कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ऋषिकेश एम्स में भर्ती राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को अस्पताल से सोमवार शाम छुट्टी देने के बाद रात में दोबारा भर्ती कर लिया गया।
एम्स प्रशासन ने उनमें कोरोना के लक्षण न दिखाई देने और केंद्र की गाइडलाइन का हवाला देकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया था और होम क्वारंटीन करने की सलाह दी थी। लेकिन कुछ घंटे बाद ही उक्त परिजन दोबारा एम्स पहुंच गए, जिसके बाद उन्हें फिर भर्ती कर लिया गया।
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एम्स संस्थान की ओर से सोमवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया था कि महाराज और उनकी पत्नी के अलावा उनके परिवार के पांच सदस्यों को संक्रमित पाए जाने के बाद रविवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था।
कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे
उन्होंने बताया था कि परिवार के उक्त सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। कहा कि सभी सदस्य ए-सिम्टमैटिक हैं, लिहाजा उनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के तहत वो होम क्वारंटीन किए जा सकते हैं। इसलिए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
वहीं, इसके कुछ घंटे बाद ही पांचों सदस्य दोबारा एम्स पहुंच गए जिसके बाद उन्हें फिर भर्ती कर लिया गया। प्रो. यूबी मिश्रा ने इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने इस बाबत जानकारी होने से मना कर दिया कि ऐसा कैसे हुआ। कहा कि महाराज के परिजनों को जिला प्रशासन ने वापस भेजा या किसी और ने, इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, इस मामले में डीएम देहरादून से जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
कैबिनेट की बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कर सकती है सरकार
सतपाल महाराज के कोरोना संक्रमित होने के बाद असहज हुई सरकार अब कैबिनेट की बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट की बैठकों में अब अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। कोरोना संकट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से कैबिनेट की एक मीटिंग की जा चुकी है। गोपन विभाग ने इसकी तैयारी पहले से ही की है।