देहरादून: खांसी और सांस लेने में थी दिक्कत, परेशान होकर बिहार के मजदूर ने काटी अपनी गर्दन
- कोरोना टेस्ट को सैंपल भेजा, कोलूपानी में करता था काम
- पीपीई किट पहनकर डॉक्टरों ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा
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देहरादून में बिहार निवासी एक मजदूर ने बुधवार को प्रेमनगर के जंगल में गर्दन की नस काटकर खुदकुशी कर ली। उसे कई दिन से खांसी और सांस लेने में दिक्कत थी। जिसकी वजह से इसका कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया है। बुधवार दोपहर प्रेमनगर पुलिस को सूचना मिली कि नंदा की चौकी के पास फन एंड फूड जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा हुआ है।
पुलिस पहुंची तो मौके से एक बैग और खून से सना ब्लेड बरामद हुआ। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र रौतेला ने आसपास के लोगों से इसकी शिनाख्त को पूछताछ की। कुछ देर में मृतक की पहचान अनिल साहनी (45) निवासी बिहार के रूप में हुई। इसके साथी मजदूर कारे लाल साहनी ने बताया कि अनिल अपर कोलूपानी में निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करता था। उसे कई दिन से खांसी और सांस लेने में तकलीफ थी। साइट पर काम खत्म होने के कारण मंगलवार शाम वह यह कहकर निकला था कि अब वह कल से दूसरे काम की तलाश करेगा।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र रौतेला ने बताया की कोविड सस्पेक्ट केस होने के कारण मौके पर डॉक्टरों और फील्ड यूनिट की टीम को जांच और शव की पैकिंग के लिए बुलाया गया। पीपीई किट धारण कर टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भिजवाया। प्रथम दृष्टया अनिल साहनी की ओर से ब्लेड से गर्दन की नस काटकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है।
इसकी पत्नी की दस साल पहले मौत हो चुकी है। इसकी बेटी को इसका भाई पालता है। अनिल अकेला रहता था। लोगों ने बताया कि कुछ देर पहले अनिल यहीं पास में बैठ कर केले खा रहा था।