उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 128 नए संक्रमित, दो की मौत, 228 मरीज हुए ठीक
उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण और मौत के मामले कम होने लगे हैं। वहीं, प्रदेश में रिकवरी रेट भी 95.43 फीसदी तक पहुंच गया है।
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उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 128 नए मामले सामने आए हैं। वहीं दो मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा आज 228 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को 25599 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बागेश्वर जिले में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, अल्मोड़ा में 22, चमोली में तीन, चंपावत में एक, देहरादून में 48, हरिद्वार में 14, नैनीताल में नौ, पौड़ी में दो, पिथौरागढ़ में सात, रुद्रप्रयाग में सात, टिहरी में आठ, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में तीन मामले सामने आए हैं।
उत्तराखंड : कोविड के नये वैरिएंट के चलते इन तीन राज्यों से आने वाले यात्रियों की सख्ती से होगी कोरोना जांच
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 39 हजार 373 हो गई है। इनमें से तीन लाख 23 हजार 855 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 2627 पहुंच गई है। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक चुल 7083 लोगों की जान जा चुकी है।
प्रदेश में ब्लैक फंगस के पांच नए मामले, दो की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस के नए मरीज और मौतें लगातार हो रही है। शुक्रवार को पांच नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जबकि दो मरीजों ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। कुल मामले 483 हो गए हैं। जबकि 90 मरीजों की मौतें हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के पांच नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि दो मरीजों की मौत हुई है। अब तक सबसे ज्यादा 320 मरीजों का एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है। जबकि हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट में 45, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में 30, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 33, दून मेडिकल कॉलेज में 23 मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश में ब्लैक फंगस के कुल मरीजों की संख्या 483 हो गई है। जबकि 90 मरीजों की मौत हो चुकी है। 70 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
केदारनाथ धाम में 228 का हो चुका टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों व मजदूरों के टीकाकरण में जुटी है। धाम में 228 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। डा. रमाकांत यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम 21 जून से अब तक 30 तीर्थ पुरोहितों व 190 मजदूरों को टीका लगा चुकी है। यह टीम अग्रिम आदेशों तक धाम में रहेगी। स्टाफ नर्स हिमांशु सेमवाल ने बताया कि अस्पताल परिसर में प्रतिदिन 40 लोगों को टीका लगाया जा रहा है। टीम में वार्ड ब्याय बिट्टू राज व सफाई नायक राजेश कुमार भी शामिल हैं।
भोजन, पानी की किल्लत
केदारनाथ में मौजूद चिकित्सकीय दल को भोजन, पानी और बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। टीम का कहना है कि भोजन की व्यवस्था जैसे-तैसे हो रही है। लेकिन साफ पानी नहीं होने से खासी दिक्कतें हो रही हैं। आए दिन घंटों बिजली गुल होने से भी ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने में परेशानी हो रही है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर टीमों को किया अलर्ट
कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट स्ट्रेन नियंत्रण के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को डेल्टा प्लस वैरिएंट स्ट्रेन प्रभावित महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच के निर्देश दिए हैं। आरटीपीसीआर रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले यात्रियों के सैंपल डेल्टा प्लस वैरिएंट वायरस की जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु संस्थान में भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने तक यात्रियों को आइसोलेट रखा जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर कोरोना के डेल्टा वैरिएंट प्लस स्ट्रेन नियंत्रण के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खासकर महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश से आने वाले यात्रियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। अभी हवाई अड्डे पर सुबह आठ से रात 11 तक फ्लाइटों से 1000 से 1200 हवाई यात्री प्रतिदिन आवाजाही कर रहे हैं। राहत की बात है कि काफी समय से हवाई अड्डे पर कोविड के मामले नहीं आए हैं। लेकिन इस बीच कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट स्ट्रेन के खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले हवाई यात्रियों को 72 घंटे तक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाने और स्मार्ट सिटी पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डेल्टा प्लस वैरिएंट स्ट्रेन से प्रभावित तीन राज्यों से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। हालांकि अब तक जांच में कोई भी यात्री कोविड पॉजिटिव नहीं मिला। अगर कोई यात्री कोविड पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके स्वैब सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु संस्थान में डेल्टा वैरिएंट प्लस वायरस की जांच के लिए भेजे जाएंगे।
डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए दिल्ली भेजे 30 सैंपल
कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट की आशंका ने एक बार फिर लोगों को चिंता में डाल दिया है। जिले में डेल्टा पल्स वैरिएंट की जांच या इससे मिलते जुलते नए संक्रमण के बारे में पता लगाने के लिए एनसीडीसी दिल्ली में कोविड संक्रमित 30 लोगों के सैंपल भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हो पाएगी।
महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में तेजी से पांव पसार रहे डेल्टा प्लस वैरिएंट का पता लगाने के लिए राज्यभर से नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की ओर सबसे प्रभावी वायरस वाले सैंपल जांच के लिए मांगे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर 15 दिन में सबसे अधिक प्रभाव वाले 15 सैंपल दिल्ली भेजे जा रहे हैं। यूएस नगर से अब तक 30 सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में लिए जा रहे कुल सैंपलों के पांच प्रतिशत सैंपल दिल्ली एनसीडीसी भेजे गए हैं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले में बी.17.4 वायरस की पुष्टि हुई थी। जबकि अब दोबारा नए कोरोना संक्रमितों के सैंपलों के वायरस की जांच के बाद ही नए वायरस का पता लग सकेगा। आरटीपीसीआर लैब की माइक्रो बॉयोलिजिस्ट डॉ. हर्षा शर्मा ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि के लिए 30 सैंपलों को दिल्ली में भेजा गया है।
गोरखपुर और मुजफ्फरपुर राप्ती गंगा का संचालन रहेगा जारी
देहरादून से यूपी और बिहार के लिए ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खबर राहत देने वाली है। कोरोना का असर कम होने के कारण रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे ने देहरादून-गोरखपुर राप्तीगंगा और देहरादून-मुजफ्फरपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेनों को अगले आदेश तक लगातार संचालित करने के आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे की ओर से देहरादून-गोरखपुर राप्ती गंगा एक्सप्रेस और देहरादून मुजफ्फरपुर राप्तीगंगा एक्सप्रेस को सिर्फ 25 जून तक ही संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया था। उस समय कोरोना को लेकर स्थितियां गंभीर थीं, लेकिन अब कोरोना का असर काफी हद तक कम हो गया है। ऐसे में रेलवे बोर्ड और उत्तर रेलवे ने यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए दोनों ट्रेनों को अगले आदेश तक लगातार संचालित किए जाने का निर्णय लिया है।
स्टेशन अधीक्षक (परिचालन) सीताराम शंकर ने बताया कि देहरादून-गोरखपुर राप्तीगंगा जहां मंगलवार और बृहस्पतिवार को देहरादून से गोरखपुर जाएगी। वहीं, शनिवार को राप्तीगंगा एक्सप्रेस को देहरादून से मुजफ्फरनगर के लिए संचालित किया जाएगा।