कोरोना वायरस : सभी टाइगर रिजर्व पार्क व अभ्यारण्य 31 मार्च तक बंद , चिड़ियाघर में भी जाने पर रोक
- जिन पर्यटकों की बुकिंग हो गई थी, उनके रुपये रिफंड होंगे।
- कैंची धाम में 31 तक दर्शन नहीं कर पाएंगे श्रद्धालु।
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कोरोना वायरस को लेकर जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व समेत राज्य के सभी राष्ट्रीय उद्यानों, वन्य जीव अभ्यारण्यों को पर्यटकों के लिए कि 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है।
मुख्य वन्यजीव संरक्षक राजीव भरतरी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश में सभी टाइगर रिजर्व के निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी पर्यटक वन्यजीव अभयारण्यों में दाखिल न होने पाए।
वन विभाग अधिकारियों के मुताबिक राज्य में जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व, नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान, गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान व गोविंद राष्ट्रीय उद्यान समेत छह राष्ट्रीय उद्यान, सात वन्यजीव विहार और चार आरक्षित क्षेत्र हैं। इसके अलावा विश्व धरोहरों में शामिल नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क व फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क भी शामिल है।
इन सभी टाइगर रिजर्व और वन्य जीव विहारों में बड़ी संख्या में पर्यटक भ्रमण करने आते हैं। अब इन सभी पार्कों व टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व में तो प्रतिदिन तीन हजार से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने बताया कि पार्क को फिलहाल 31 मार्च के लिए यात्रियों को बंद कर दिया गया है। पार्क अधिकारियों, कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी पर्यटक क्षेत्र में दाखिल न होने पाए। आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। 2 दिन पूर्व कोरोना वायरस के मद्देनजर चिड़ियाघर को भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था।
सिटी बसोें, ऑटो, विक्रम को सैनेटाइज के आदेश
देहरादून में सिटी बसों, ऑटो और विक्रम में सफर करने वाले यात्री संक्रमित न हो इसके लिए परिवहन विभाग ने सभी सार्वजनिक वाहनों को सैनेटाइज करने के आदेश जारी किए हैं। आरटीओ डीसी पठोई की ओर से जारी आदेश में सिटी बस, ऑटो और विक्रम संचालकों को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने वाहनों को सैनेटाइज किए बिना सवारी न बिठाएं। इसकी जांच को टीमें गठित कर दी गई हैं।
अब आधार केंद्र में बायोमीट्रिक देने पर खतरा नहीं
अब आधार केंद्रों पर बायोमीट्रिक देने पर घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने कोरोना वायरस से आमजन के बचाव के लिए कई उपाए किए गए हैं। अगर आप केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं तो पहले आपका टैंप्रेचर चेक किया जाएगा। सामान्य होने पर आपके हाथों को सैनेटाइज किया जाएगा। तब जाकर आपके बायोमीट्रिक लिए जाएंगे।
यूआईडीएआई के जीएमएस रोड स्थित आधार केंद्र (निकट इंद्रापुरम) में यह नई व्यवस्था लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले मुख्य गेट पर लोगों का टैंप्रेचर चेक किया जा रहा है। अगर टैंप्रेचर 100 पाया जाता है तो उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा।
फल-सब्जी से पहले ग्राहकों को सैनेटाइजर देंगे दुकानदार
निरंजनपुर मंडी में फल-सब्जी से पहले दुकानदार अपने ग्राहकों को सैनेटाइजर देंगे। इसके लिए मंडी में मंगलवार को जागरुकता अभियान चलेगा। इस दौरान मंडी समिति सभी दुकानदारों को सैनेटाइजर और मास्क बांटेगी।
सैन्य संस्थानों और क्षेत्रों में बरती जा रही सतर्कता
कोरोना वायरस के चलते सैन्य बहुल क्षेत्रों के साथ ही सैन्य प्रतिष्ठानों में भी सतर्कता बरती जा रही है। सैनिक कॉलोनियों में जहां बाहरी व्यक्तियों के आने जाने पर रोक लगी है, वहीं आईएमए में भी जांच के बाद भी लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है।
उत्तराखंड में कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है। इसके चलते स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, जिम आदि बंद कर दिए गए हैं। इसी के साथ ही सैन्य क्षेत्रों में भी कोरोना को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सब-एरिया क्लेमेंटटाउन और गढ़ी में बाहरी व्यक्तियों के आने जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जो लोग जा भी रहे हैं, उनके जांच के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है।
आईएमए में भी बाहरी व्यक्तियों को एक ही गेट से जांच के बाद अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
कैंट क्षेत्र गढ़ी और क्लेमेंटटाउन में कैंट बोर्डों की ओर से लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। गढ़ी में कर्मचारियों को मास्क वितरित कर लोगों को जागरूक करने और साफ-सफाई पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
सियासत भी शुरू
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि संक्रमण से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं। जबकि सरकारी मशीनरी लगातार इसको लेकर व्यापक कदम उठाने और दहशत में न आने की बात कह रही है।