उत्तराखंड में कोरोना: तीन दिन में 50 हजार से ज्यादा युवाओं ने लगवाई कोविड वैक्सीन
प्रदेश में 16 जनवरी को कोविड टीकाकरण की शुरूआत की गई। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों को टीके लगाए गए। इसके बाद 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को टीके लगाए। तीसरे चरण में 45 से 60 साल के आयु के लोगों को टीकाकरण शुरू किया गया।
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उत्तराखंड में तीन दिन के भीतर 18 से 44 आयु वर्ग में 50 हजार से ज्यादा को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। सरकार ने इस आयु वर्ग में 50 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। अब तक 18.39 लाख से अधिक लोगों को पहली डोज और 6.65 लाख का दूसरी डोज के साथ टीकाकरण पूरा कर लिया गया।
प्रदेश में 16 जनवरी को कोविड टीकाकरण की शुरूआत की गई। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाया गया। इसके बाद 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को टीका लगाया गया। तीसरे चरण में 45 से 60 साल के आयु के लोगों को टीकाकरण शुरू किया गया।
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प्रदेश में 10 मई से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीके लगाने का कार्य शुरू किया गया। तीन दिन के भीतर 50184 युवाओं को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। बुधवार को प्रदेश के 543 केंद्रों पर सभी श्रेणी के 38931 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है।
प्रदेश सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के 50 लाख लोगों को निशुल्क कोविड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। टीकाकरण में तेजी लाने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन खरीदने के लिए वैक्सीन निर्माता कंपनियों और केंद्र के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है।
टीकाकरण की सुस्त गति पर युवाओं ने जताई नाराजगी
प्रदेश में वर्तमान में 18 प्लस आयु वर्ग वालों को टीका लगाया जा रहा है, लेकिन जिस गति से टीकाकरण हो रहा है। इस हिसाब से सालभर में भी टीकाकरण पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में युवाओं में आक्रोश है। युवाओं का कहना है कि सरकार को टीकाकरण के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। निजी अस्पतालों को भी इसकी अनुमति देनी चाहिए। जिससे सक्षम लोग अपने खर्चे पर टीका लगवा लें। इसके अलावा घर-घर जाकर टीकाकरण कराया जाए। साथ ही केंद्र सरकार को निजी कंपनियों को भी वैक्सीन बनाने की अनुमति देनी चाहिए।
वर्तमान में जिस हिसाब से टीकाकरण चल रहा है। उससे सालभर से भी अधिक समय में सभी को टीका नहीं लग पाएगा। ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि जो कंपनी कोविशील्ड और कोवैक्सीन बना रही है। उस दवाई का पेटेंट अन्य दवाई कंपनी को भी दिया जाए। इससे अधिक मात्रा में वैक्सीन बने और संपूर्ण देश में जल्द से जल्द वैक्सीन लग सके। साथ ही वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाना चाहिए।
-सन्नी कुमार, प्रेमनगर
वैक्सीन की रफ्तार काफी कम हैं। जिससे काफी इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि क्षेत्रवार और घर-घर जाकर टीका लगाया जाए। सेंटरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाए। जिससे भीड़ भी एकत्रित न हो और अधिक से अधिक लोगों को टीका लग सके। अपने खर्चे पर भी टीका लगाने की अनुमति दी जाए।
-राजू पंवार, बंजारावाला
वैक्सीनेशन के लिए सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाने चाहिए। जिस क्षेत्र को व्यक्ति है, उसे उसी क्षेत्र में वैक्सीनेशन की सुविधा मिले। वर्तमान में काफी कम संख्या में एक दिन में वैक्सीन लगाई जा रही है। इससे वैक्सीनेशन में काफी समय लगेगा। सरकार को अधिक से अधिक वैक्सीन की डोज का इंतजाम करना चाहिए। जिससे जल्द ही सभी को वैक्सीन लग सके।
-रोहित अरोड़ा, कैनाल रोड
जैसे ही स्लॉट खुल रहा है, वह फुल हो जा रहा है। अभी तक पोर्टल पर हजारों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन उनका नंबर नहीं आ रहा है। वैक्सीनेशन सेंटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए। एक दिन में जितना हो सके उतना वैक्सीनेशन होना चाहिए। सबसे अच्छा यह है कि सरकार क्षेत्रवार टीकाकरण कराएं। जिससे जल्द से जल्द लोगों को टीका लगाया जा सके।
-गजेंद्र रावत, नेहरूग्राम