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देहरादूनः कोविड टीकाकरण में तेजी लाने को प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ाने पर जोर
Fri, 12 Mar 2021 09:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 12 Mar 2021 09:55 AM IST
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कोरोना वायरस टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चल रहे कोविड टीकाकरण में तेजी लाने के लिए प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ाने पर जोर है। सेना अस्पताल देहरादून में सैनिक परिवारों के बुजुर्गों कोविड वैक्सीन लगाई जाएगी।
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इसके साथ ही टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की अन्य निजी अस्पतालों से बातचीत चल रही है। सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने वालों की भीड़ बढ़ रही है। विभाग की रणनीति है कि गरीब तबके के लोग सरकारी अस्पतालों में कोविड वैक्सीन लगाने के लिए आएं और आर्थिक रूप से सक्षम लोग निजी अस्पतालों में जाकर टीका लगाएं।
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निजी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने के लिए 250 रुपये देने होंगे। जिसमें निजी अस्पताल की ओर से 150 रुपये सरकार को दिए जाएंगे। सेवाएं देने पर निजी अस्पताल को सौ रुपये ही मिलेंगे।
प्रदेश में 16 जनवरी से कोविड टीकाकरण का अभियान शुरू हुआ था। स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटल लाइन वर्करों के साथ ही तीसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु, 45 से 59 आयु वर्ग के गंभीर रोग से ग्रसित लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। वैक्सीन लगवाने के सरकारी अस्पतालों में भीड़ भीड़ रही है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ाने पर जोर है।
सेना अस्पताल देहरादून में सैनिक परिवारों के बुजुर्गों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के छावनी क्षेत्रों के अस्पतालों व अन्य निजी अस्पतालों के साथ विभाग की बातचीत चल रही है।
निजी अस्पतालों को वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजीकरण के आधार पर वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन निजी अस्पताल वैक्सीन लगाने के प्रति डोज के 250 रुपये लेंगे। जिसमें 150 रुपये केंद्र सरकार के खाते में जमा होंगे। निजी अस्पताल सेवाओं देने के लिए 100 रुपये ही लेगा।
प्रदेश में कोविड टीकाकरण की स्थिति
96933 स्वास्थ्य कर्मियों को लगा टीका
प्रदेश में 16 जनवरी से लेकर अब तक 96933 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज लगी है। इसमें 61174 कर्मियों को दूसरी डोज लगने से टीकाकरण पूरा किया गया।
80498 फ्रंट लाइन वर्करों को पहली डोज
कोविड संक्रमण की रोकथाम व बचाव में लगे 80498 फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। इसमें 28 दिन पूरा करने वाले 9811 फ्रंट लाइन वर्करों को दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है।
59272 बुजुर्गों ने लगवाई वैक्सीन
टीकाकरण के तीसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के 59272 बुजुर्गों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। वहीं, 45 से 59 आयु के गंभीर रोग से ग्रसित 3794 लोगों को वैक्सीन लगवाई गई।
प्रदेश में कोविड टीकाकरण सुचारु रूप से चल रहा है। तीसरे चरण में वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की संख्या अधिक है। जिससे टीका लगवाने में प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ायी जा रही है। जिससे सरकारी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगाने के लिए भीड़ न बढ़े।
- डॉ. सरोज नैथानी, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
प्रदेश में 16 जनवरी से लेकर अब तक 96933 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज लगी है। इसमें 61174 कर्मियों को दूसरी डोज लगने से टीकाकरण पूरा किया गया।
80498 फ्रंट लाइन वर्करों को पहली डोज
कोविड संक्रमण की रोकथाम व बचाव में लगे 80498 फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। इसमें 28 दिन पूरा करने वाले 9811 फ्रंट लाइन वर्करों को दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है।
59272 बुजुर्गों ने लगवाई वैक्सीन
टीकाकरण के तीसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के 59272 बुजुर्गों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। वहीं, 45 से 59 आयु के गंभीर रोग से ग्रसित 3794 लोगों को वैक्सीन लगवाई गई।
प्रदेश में कोविड टीकाकरण सुचारु रूप से चल रहा है। तीसरे चरण में वैक्सीन लगवाने वाले लोगों की संख्या अधिक है। जिससे टीका लगवाने में प्राइवेट पार्टनरशिप बढ़ायी जा रही है। जिससे सरकारी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगाने के लिए भीड़ न बढ़े।
- डॉ. सरोज नैथानी, निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन