Corona : संक्रमित व्यक्ति से कोरोना से बचाव को इस बात का जरूर रखें ध्यान, विशेषज्ञों ने दी सलाह
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कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार अपना स्वरूप और संक्रमण की चाल बदल रहा है। इसीलिए इसे कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा बहुरूपिया वायरस का भी नाम दिया जा रहा है।
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ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अब अगर लापरवाही बरती तो कोरोना संक्रमण के फैलने की स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। देहरादून में एक विवाह समारोह में दूल्हा-दूल्हन समेत 16 बरातियों के कोराना संक्रमित पाए जाने से इस बात को और भी बल मिला है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि लॉकडाउन में जहां कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे थे, वहीं अब अनलॉक होने के चलते इनमें अचानक उछाल आने लगा है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे एहतियात न बरते जाने को विशेषज्ञ इसकी सबसे बड़ी वजह मान रहे हैं। इसका खामियाजा स्वस्थ व्यक्तियों को भी भुगतना पड़ रहा है।
वेंटिलेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी
पटेलनगर स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सांस रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत ने बताया कि बंद कमरे, जैसे क्लास रूम, मल्टीप्लेक्स, वेडिंग प्वाइंट, मॉल, हवाई जहाज आदि स्थानों पर जहां वेंटिलेशन न हो और ज्यादा भीड़ हो उसमें कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज होने पर एरोसॉल (एक माइक्रोन से हल्का ड्रापलेट) के जरिए हवा से वायरस संक्रमण फैलने का डर ज्यादा रहता है। इसलिए वेंटिलेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सांस रोग विभाग के एचओडी एवं कोरोना के नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि अभी इस बारे में सटीक रूप से कुछ कहना संभव नहीं है, लेकिन एयरबांड बनने से वायरस के हवा में तेजी से फैलने की संभावना जताई जा रही है।
इसलिए एहतियात के तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग और भीड़भाड़ में मास्क का ठीक तरह से इस्तेमाल बहुत ही जरूरी हो गया है। टर्नर रोड स्थित वेलमेड अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. विवेक वर्मा ने बताया कि इसे लेकर भले ही अभी डब्लूएचओ और आईसीएमआर में किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने में भ्रम की स्थिति हो, लेकिन हवा में संक्रमण को लेकर एहतियात बरतने की बहुत जरूरत है।
कोरोना के फैलने का प्रूव्ड एवीडेंस है, उससे बचना जरूरी
दरअसल, होता क्या है कि जो बंद स्पेस होते हैं, उन क्लोज स्पेस में तो संक्रमण फैलने का तो डर वैसे ही रहता है। चाहे कोई भी बीमारी हो। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अभी जो ड्रापलेट से ही ज्यादा खतरा है, कोरोना के फैलने का जो कि प्रूव्ड एवीडेंस है, उससे बचना जरूरी है।
दो गज या दो मीटर या आम आदमी की भाषा में कहें तो दो हाथ की दूरी बनाकर रखते हैं तो उतनी दूर तक ड्रापलेट नहीं जाते हैं। अगर मास्क भी लगा दिया तो कोरोना वायरस से प्रोटेक्शन और मजबूत हो जाएगा।
पुलिस ने किए ताबड़तोड़ चालान, डेढ़ लाख से अधिक वसूले
रविवार को पूर्ण बंदी के दौरान सड़कों पर बिना मास्क घूमने वालों के खिलाफ पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने कुल 1646 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डेढ़ लाख से अधिक चालान शुल्क वसूला।
डीआईजी, एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पूर्ण बंदी के दौरान सभी थानों को चेंकिग कर बिना मास्क घूमने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद रविवार को सभी थानों की पुलिस सुबह से ही प्रमुख चौराहों और चौक पर के साथ ही जहां से सबसे अधिक वाहन गुजरते हैं, वहां बैरिकेडिंग लगाकर मुस्तैद हो गई।
इस दौरान बिना मास्क घूमने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रही और ऐसे वाहन चालकों को रोककर पुिलिस ने उनका चालान किया। रविवार को शहर के कोतवाली में 290, पटेलनगर में 295, डालनवाला में 175, कैंट में 110, बसंत विहार में 175, प्रेमनगर में 50,नेहरू कॉलोनी में 150, रायपुर में 131, क्लेमेनटाउन में 80 व राजपुर थाने क्षेत्र में 190 लोगों के चालान किए गए। जिससे डेढ़ लाख से अधिक चालान शुल्क वसूला गया। डीआईजी ने कहा कि बिना मास्क घूमने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।