हरिद्वार कुंभ: फर्जी टेस्टिंग मामले की उच्चस्तरीय जांच को लेकर सरकार पर दबाव
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को जांच सौंपी है।
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हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान कथिततौर पर एक लाख फर्जी कोरोना टेस्टिंग के मामले में प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। विरोधी दलों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच को लेकर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने की मांग की है। उधर, आम आदमी पार्टी ने भी प्रकरण की जांच के लिए हाईपावर कमेटी बनाने का मुद्दा उठाया है।
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विरोधियों की मांग के जवाब में शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही सरकार ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को जांच सौंपी है। जिलाधिकारी ने इस मामले में फर्म के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करा दी है। अब इस मामले की जांच स्वाभाविक रूप से पुलिस करेगी। जांच में यदि अन्य फर्मों से जुड़े तथ्य सामने आएंगे तो उनके खिलाफ भी जांच हो सकती है।
सब्र करे कांग्रेस, जांच का इंतजार करे: भाजपा
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि हरिद्वार कुंभ केदौरान फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के मामले में कांग्रेस कोधैर्य रखकर जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मामले में पहले ही जांच के आदेश दे चुकी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। फर्जीवाड़े में संदिग्ध एजेंसी का भुगतान भी रोक दिया गया है।
-किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
अगर सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच कराना चाहती है तो बिना देरी किए इस मामले की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में करवाए। प्रथम दृष्टया से एक बड़ा घोटाला ही प्रती हो रहा है, जिसमें बड़े लोगों के लिप्त होने की संभावना है।
- सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस
अभी मामले की जांच जिलाधिकारी कर रहे हैं। जांच में गड़बड़ी सामने आएगी तो प्रदेश सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा।