कुंभ में कोरोना जांच घपला: कोविड जांच कराने वालों का कॉल करके होगा सत्यापन
जांच रिपोर्ट पर उठे सवालों के बाद शासन के आदेश पर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सीडीओ सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई।
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हरिद्वार कुंभ मेले में कोरोना जांच कराने वाले लोगों का मोबाइल पर सत्यापन किया जाएगा। कुंभ मेला प्रशासन (स्वास्थ्य) ने इसकी जिम्मेदारी जांच टीम और मेला कर्मचारियों को दी है। मेला कर्मचारी सभी लोगों को कॉल करके पता करेंगे कि उनकी जांच हुई या नहीं। इसके बाद ही सच सामने आने की उम्मीद है।
कोरोना संक्रमण काल में हुए कुंभ मेले में श्रद्घालुओं की जांच के लिए कुंभ मेला प्रशासन (स्वास्थ्य) ने अलग से 11 निजी लैब अधिकृत की थी। इन लैबों को केवल कुंभ मेला क्षेत्र में ही श्रद्घालुओं और संतों की जांच करने को कहा गया था। जिससे निजी लैबों की ओर से कुंभ मेला अवधि में दो लाख 51 हजार जांच की गई। इनमें 44278 आरटीपीसीआर और 206722 एंटीजन जांच हुई हैं। इनमें अधिकतर जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।
कोविड टेस्टिंग घपला : कुंभ मेला प्रशासन ने भी बैठाई जांच, बनाई चार सदस्यीय कमेटी
वहीं, कुंभ मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने भी चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। दोनों कमेटी अलग-अलग जांच कर रही हैं। डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि निजी लैबों की ओर से जिन लोगों की जांच की गई है, उनके मोबाइल नंबर पर जांच कमेटी के सदस्य और मेला स्वास्थ्य के कर्मचारी
जांच का ऑडिट कराए सरकार : आप
हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान कोरोना सैंपल जांच में फर्जीवाड़े को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार से ऑडिट कराने की मांग की है। आप ने आरोप लगाया कि प्राइवेट लैब की मिलीभगत से कोरोना जांच में करोड़ों का खेल हुआ है।
आप प्रदेश प्रवक्ता संजय भट्ट ने बयान जारी कर कहा कि कुंभ मेले के दौरान कराई गई कोविड रैपिड एंटीजन जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया है। सरकार की ओर से निजी कंपनियों से कुंभ में सैंपल जांच का अनुबंध किया गया था। एक कंपनी ने फर्जी नाम और पता दिखाकर नकली टेस्टिंग दिखाई है। एक से 30 अप्रैल तक आयोजित कुंभ की अवधि में 9 एजेंसियों और 22 प्राइवेट लैब की तरफ से लगभग चार लाख कोरोना टेस्ट किए गए।
एक टेस्ट के लिए उन्हें 350 रुपये से अधिक का भुगतान सरकार ने किया। जिससे जाहिर है कि सैंपल जांच के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल किया गया। एक ही मोबाइल नंबर से कई निगेटिव रिपोर्ट जारी की गई। जो व्यक्ति न तो हरिद्वार आया और न ही कोविड जांच कराई, उसके मोबाइल नंबर पर कोविड की रिपोर्ट आ गई, यह गंभीर मामला है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी सैंपल जांचों का ऑडिट कर ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।