कोरोना संकट: मरीजों को अब नहीं होगी परेशानी, 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर देहरादून पहुंची ट्रेन
उत्तराखंड के अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है। इसे देखते हुए मंगलवार को पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर आई थी।
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उत्तराखंड सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार की ओर से आवंटित 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर दूसरी विशेष ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार को हर्रावाला रेलवे स्टेशन पहुंची। फिलहाल अधिकारियों की देखरेख में ऑक्सीजन को एम्स ऋषिकेश समेत विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे गए गैस गोदामों में स्टोर किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से अस्पतालों को आपूर्ति की जाएगी।
रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (किराया भाड़) मोनू लूथरा ने बताया कि दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर टाटानगर से आई है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक लूथरा के मुताबिक फिलहाल ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिये देहरादून, बरेली, मुरादाबाद समेत मंडल के तमाम स्टेशनों पर ट्रेन के जरिये ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा चुकी है।
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बता दें कि कोरोना महामारी के बीच नई दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश समेत देश के तमाम राज्यों में ऑक्सीजन गैस की भारी मांग को देखते हुए रेलवे की ओर से विशेष ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन किया गया है।
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक अब तक पूरे देश में 100 से अधिक विशेष ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन कर 396 टैंकरों से 6260 मीट्रिक टन ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिये विभिन्न राज्यों को की जा चुकी है। राज्यों को ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति तेजी से की जा सके इसके लिए रेलवे बोर्ड की ओर से पूरे देश भर में ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
विधायक ने निजी खर्च से मंगाए 47 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
मंगलौर में कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक काजी निजामुद्दीन ने अपने निजी खर्च से 47 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगाए हैं। शुक्रवार को डीपीआरओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों की जांच की। विधायक काजी निजामुद्दीन ने बताया कि जल्द इन मशीनों को मरीजों के लिए स्थापित कर दिया जाएगा।
कोरोना महामारी में पिछले कुछ समय से लोगों को ऑक्सीजन की कमी के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। ऑक्सीजन प्लांटों पर मारामारी के चलते कई घंटों में मरीजों को सिलिंडर उपलब्ध हो रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने मुंबई से 47 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अपने निजी खर्च पर मंगाए हैं। करीब 30 लाख के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर की जरूरत नहीं पड़ेगी। इन मशीनों को मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए आइसोलेशन सेंटरों पर डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में स्थापित किया जाएगा।
शुक्रवार को डीपीआरओ रमेश त्रिपाठी और बहादराबाद की स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर कोमल ने विधायक आवास पहुंचकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की गहनता से जांच की। विधायक काजी निजामुद्दीन ने बताया कि ये मशीनें उन्होंने अपने निजी खर्च पर मंगाई हैं। वह अपनी विधायक निधि को ऐसी जगह खर्च करेंगे, जहां कोरोना महामारी खत्म होने के बाद भी उससे मिलने वाली सुविधाएं जारी रह सकें। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन मशीनों से विधानसभा के मरीजों को जल्द लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इसके बाद विधानसभा में ऑक्सीजन की मारामारी खत्म होगी।
उत्तराखंड को जल्द मिलेगा फ्रांस निर्मित ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना काल में संक्रमित मरीजों की मदद के लिए कई सामाजिक संस्थाएं और उद्यमी आगे आ रहे हैं। इस क्रम में काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) की सदस्य गलबलिया इस्पात उद्योग प्राइवेट लिमिटेड उत्तराखंड में फ्रांस निर्मित एक ऑक्सीजन प्लांट लगाने का प्रयास कर रहा है।
केडीएफ के अध्यक्ष राजीव घई ने बताया कि गलबलिया इस्पात ने 150 एलपीएम क्षमता का फ्रांस निर्मित ऑक्सीजन प्लांट उत्तराखंड में लगाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के आगे रखा था। गलबलिया इस्पात ने प्रदेश सरकार के माध्यम से प्लांट निर्माता कंपनी को अग्रिम धनराशि भी भेज दी है। 15 से 20 दिन के भीतर प्रदेश सरकार को प्लांट मिल जाएगा।
यह प्लांट काशीपुर राजकीय कोविड सेंटर के लिए लेने की योजना थी लेकिन यहां डीआरडीओ के माध्यम से ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इसे देखते हुए इस ऑक्सीजन प्लांट को प्रदेश सरकार राज्य में कहीं भी लगवा सकती है। केडीएफ ने प्रदेश सरकार से अपेक्षा की है कि वह प्लांट को ऊधमसिंह नगर जिले के आसपास ही कहीं लगवाए।
राजीव घई ने बताया कि केडीएफ काशीपुर में कोविड सेंटर बनाने के लिए भी सरकार को सहयोग देने का प्रयास कर रही है लेकिन सरकार के पास डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों की कमी के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है।