Corona : अस्पताल से भागे कोरोना संक्रमित का शव बाथरूम में मिला, हड़कंप, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 07 Aug 2020 12:55 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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सुशीला तिवारी अस्पताल से भागे कोरोना पॉजिटिव मरीज का शव दूसरे दिन अस्पताल के बेसमेंट स्थित बाथरूम में पड़ा मिला। सिटी मजिस्ट्रेट और कोतवाली पुलिस ने मौका मुआयना किया। अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका कि मरीज की मौत किन कारणों के चलते हुई है। अस्पताल के एमएस का कहना है कि पॉजिटिव होने से पहले मरीज डायबिटीज, निमोनिया और ब्लड प्रेशर रोग से पीड़ित था।  
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रामनगर के गूलरघट्टी निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज को एक अगस्त को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। बुधवार की सुबह मरीज वार्ड सी स्थित अपने बिस्तर से गायब हो गया था। अस्पताल प्रशासन ने काफी खोजने के बाद घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस की टीमों ने अस्पताल से लेकर रामनगर स्थित मरीज के घर तक खोजबीन की। लेकिन उसका पता नहीं चल सका। 

अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि अस्पताल की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह से मरीज की तलाश शुरू की। उसका शव मानसिक रोग वार्ड के पास बाथरूम में मिला। बताया कि वह डायबिटीज, निमोनिया रोग से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, सीओ शांतनु पाराशर और कोतवाल संजय कुमार ने अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया।

कोतवाल के अनुसार प्राथमिक जांच से पता चला कि वह सी वार्ड से रैंप के रास्ते से अंदर बेसमेंट तक गया। इधर, मरीज के बेटे ने जिला प्रशासन से इस घटना की जांच कराने की मांग की है। उसने कहा कि उसके पिता की मौत किन कारणों से हुई है। यह स्पष्ट होना चाहिए। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जांच की जाएगी।

मरीज के भागने और शौचालय में मृत मिलने की होगी मजिस्ट्रेटी जांच 

सुशीला तिवारी अस्पताल में रामनगर के मरीज के भागने और 24 घंटे बाद अस्पताल के शौचालय में उसका शव मिलने की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। डीएम सविन बंसल ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को जांच सौंपी हैं और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। 

सिटी मजिस्ट्रेट सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं अन्य चिकित्सकों से जानकारी ली। रामनगर के मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

साथ ही डायबिटीज और निमोनिया से ग्रस्त थे। चिकित्सकों ने बताया कि पांच अगस्त को मरीज सुबह छह बजे अपने बिस्तर से गायब था। काफी खोजने के बाद भी पता नहीं चला और बृहस्पतिवार को उसका शव शौचालय में मिला। 

सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के बाद डीएम बंसल ने उनको जांच अधिकारी नामित करते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही रिपोर्ट 15 दिन के भीतर देने को कहा है। 

वार्डों में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाएं जाएं, कोविड मरीजों की सुरक्षा में न हो लापरवाही 

रामनगर के मरीज के भागने और 24 घंटे बाद उसका शव एसटीएच के शौचालय में मिलने की घटना को एसटीएच के नोडल अधिकारी और केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा ने गंभीरता से लिया है। दो टूक लहजे में कहा कि कोविड मरीजों के संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

मीणा ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी समेत अन्य डाक्टरों के साथ देर शाम बैठक की। बताया कि एसटीएच के कोरोना वार्ड के बाहर अभी 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शुक्रवार से 48 कैमरे लगने की शुरूआत हो जाएगी।

इसके बाद कैमरों की संख्या 64 हो जाएगी। बताया कि प्रत्येक कोरोना वार्ड में भी दो-दो कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कोविड मरीजों की सुरक्षा और कड़ी करने के निर्देश दिए। कहा कि रामनगर के प्रकरण में प्राचार्य जांच कर रहे हैं और दोषी कर्मियों को निलंबित किया जाएगा। साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। 

जांच के बाद दोषियों को किया जाएगा निलंबित 

दूसरी ओर डॉक्टरों ने मीणा को बताया कि रामनगर का मरीज जब भर्ती हुआ था तो वह ग्रेड टू शुगर का मरीज था। साथ ही निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ थी और कोविड पॉजिटिव था।

एमएस के आदेशानुसार पांच अगस्त को रोगी को पूरे अस्पताल में खोजा गया। सुरक्षा कर्मियों और पुलिस विभाग के जवानों को तलाशा और सूचना रामनगर को भी दी गई। गुरुवार फिर से तलाश की गई तो उसका शव मानसिक रोग के टीचिंग स्थान के शौचालय में मिला। 

मामले की जांच राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने भी शुरू करा दी है। सूत्रों के अनुसार छह से अधिक कर्मियों की ड्यूटी चार्ट समेत अन्य विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। पता किया जा रहा है कि ड्यूटी के समय कर्मचारी कहां थे।

छह से अधिक कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि इस संबंध में जब प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही दोषियों कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। 
 
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