उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 124 नए संक्रमित, एक की मौत, 244 मरीज हुए स्वस्थ
बीते 24 घंटे में एक कोरोना मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। जबकि 244 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या और मौतें लगातार कम हो रही है। बीते 24 घंटे में 124 नए संक्रमित मिले और एक मरीज की मौत हुई है। तीन जिलों में सात मरीजों की मौतें बैकलॉग की भी हैं। सक्रिय मामले दो हजार से कम हो गए हैं। जबकि 244 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 340379 हो गई है।
उत्तराखंड: सरकार ने जारी की नई एसओपी, चारधाम यात्रा अग्रिम आदेशों तक स्थगित
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गुरुवार को 21502 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 13 जनपदों में 124 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में 31, पिथौरागढ़ में 23, नैनीताल में 12, हरिद्वार में 11, चमोली, चंपावत व उत्तरकाशी जिले में सात-सात, बागेश्वर में छह, पौड़ी व रुद्रप्रयाग में पांच-पांच, ऊधमसिंह नगर में चार, टिहरी व अल्मोड़ा में तीन-तीन संक्रमित मामले मिले हैं।
प्रदेश में 24 घंटे में एक कोरोना मरीज ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। देहरादून, चमोली, नैनीताल जिले में सात कोरोना मरीजों की मौत बैकलॉग की है। अब तक 7324 कोरोना मरीजों की मौतें हो चुकी है। वहीं, 244 मरीज हुए हैं। इन्हें मिला कर 325253 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं। संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज स्वस्थ होने से सक्रिय मामले लगातार कम हो रहे हैं। वर्तमान में 1966 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
ब्लैक फंगस के चार नए मामले, तीन मौतें
प्रदेश में गुरुवार को ब्लैक फंगस के चार नए मरीज मिले हैं, जबकि तीन की मौत हुई है। कुल मरीजों का आंकड़ा पांच सौ पार करने वाला है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में चार नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इन मरीजों को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। जबकि एम्स ऋषिकेश में इलाज करा रहे तीन मरीजों की मौत हुई है। कुल मरीजों की संख्या 499 हो गई है, जबकि 98 मरीजों की मौतें हो चुकी है। 101 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
सरकार की कड़ी फटकार फिर भी बैकलॉग आ रहा बार-बार
कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की सूचना समय पर न देने पर सरकार की ओर से कड़ी फटकार लगाने के बाद भी बार-बार बैकलॉग सामने आ रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओर से कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जा रही है। गुरुवार को सात मौतें बैकलॉग की दर्ज हुई हैं।
सरकार ने अस्पतालों की ओर से कोरोना मरीजों की मौत की सूचना न देने पर कड़ी फटकार लगाई थी। मरीजों की मौत की रिपोर्ट न देने पर अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ कोविड एक्ट में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
30 जून को प्रदेश में एक ही दिन में 218 बैकलॉग की मौत का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों व सीएमओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बावजूद भी अस्पतालों की ओर से सरकार के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कोरोना मरीजों के मौत की सूचना कई दिनों के बाद दी जा रही है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि कोरोना मरीजों की सूचना समय पर न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार दिशानिर्देश देने के बाद भी बैकलॉग के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों और सीएमओ को नोटिस जारी किए गए। जवाब आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।