उत्तराखंड में कोरोना: साढ़े तीन महीने बाद एक दिन में सबसे कम 78 संक्रमित मिले, दो की मौत,1800 से कम हुए एक्टिव केस
उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर में अब संक्रमण और मौत के मामलों में कमी आई है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 95.59 फीसदी है।
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उत्तराखंड में लगभग साढ़े तीन माह के बाद एक दिन में सबसे कम 78 संक्रमित मिले हैं। वहीं दो मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा आज 144 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1800 से कम पहुंच गई है।
उत्तराखंड में कोरोना : कोरोना मरीज मुक्त हुए जिले के तीनों अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 29307 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। अल्मोड़ा और बागेश्वर में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, चमोली में तीन, चंपावत में दो, देहरादून में 17, हरिद्वार में 14, नैनीताल में नौ, पौड़ी में एक, पिथौरागढ़ में पांच, रुद्रप्रयाग में आठ, टिहरी में तीन, ऊधमसिंह नगर में नौ और उत्तरकाशी में सात मामले सामने आए हैं।
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 40 हजार 724 हो गई है। इनमें से तीन लाख 25 हजार 692 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7333 लोगों की जान जा चुकी है। प्रदेश में अभी 1749 एक्टिव केस हैं।
ब्लैक मरीज का एक मामला मिला
प्रदेश में रविवार को ब्लैक फंगस का एक नया मामला मिला है। जबकि किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। प्रदेश में अब तक कुल मरीजों की संख्या 507 हो गई है। जबकि सौ मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में एक मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। मरीज को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। दो मरीज ठीक हुए हैं।
धीरे-धीरे फिर बढ़ रहा कोरोना संक्रमण, सैंपल जांच हुई कम
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले धीरे-धीरे फिर बढ़ने लगे हैं, जबकि सैंपल जांच कम हुई है। पिछले सप्ताह की तुलना में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। सात दिन में 1109 संक्रमित सामने आए हैं, बीते सप्ताह 1029 मरीज मिले थे।
कोरोना काल को 476 दिन का समय बीत गया है। इस सप्ताह बीते सप्ताह की तुलना में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। जबकि सैंपल टेस्ट कम हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 27 जून से तीन जुलाई तक 159779 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 1109 संक्रमित मिले हैं और बैकलॉग को मिलाकर 245 मरीजों की मौतें हुई है। जबकि 20 से 26 जून तक 167031 सैंपलों की जांच हुई और 1029 संक्रमित मिले थे।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि दूसरी लहर में संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ने के बजाए कम हो रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड सैंपल जांच पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
एम्स में ब्लैक फंगस के 75 फीसदी मरीजों की करनी पड़ी सर्जरी
ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का संक्रमण बेहद खतरनाक है। इसका अंदाजा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों की सर्जरी के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। एम्स में भर्ती हुए ब्लैक फंगस के मरीजों में से 75 फीसदी की सर्जरी करनी पड़ी। वहीं 10 फीसदी मरीज ऐसे थे जिनके मस्तिष्क तक संक्रमण पहुंच चुका था, लेकिन एम्स की विशेषज्ञों की टीम इन मरीजों की सफल सर्जरी करने में कामयाब रही।
एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के अब तक 340 मरीज भर्ती हुए हैं। एम्स की म्यूकोरमाइकोसिस ट्रीटमेंट टीम के हेड और ईएनटी सर्जन डॉ. अमित त्यागी ने बताया संस्थान में अब तक ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के 255 मरीजों की सफल सर्जरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया 30 फीसदी मरीज संक्रमण की दूसरी स्टेज में इमरजेंसी में पहुंचे।
जबकि 40 फीसदी मरीजों की आंख और 60 फीसदी के नाक व जबड़ों तक ब्लैक फंगस का संक्रमण पहुंच चुका था। डॉ. अमित त्यागी ने 10 फीसदी मरीजों में संक्रमण मस्तिष्क तक भी पहुंचा। यह संक्रमण की चौथी स्टेज होती है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर तत्काल मरीजों की सर्जरी की गई।
मरीजों की सर्जरी कामयाब भी रही। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद संक्रमण नियंत्रण के मरीजों को एंटीफंग ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के राज्य हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक एम्स ऋषिकेश से ब्लैक फंगस के 55 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।
पुलिस कर्मी कोविड वैक्सीन लगाने के मामले में सबसे आगे
कोरोना संक्रमण में अग्रिम पंक्ति में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मी कोविड वैक्सीन लगाने के मामले में भी सबसे आगे हैं। रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में अब तक प्रदेश के 23,619 पुलिस कर्मियों ने कोविड की दूसरी डोज लगवा ली है।
इसमें देहरादून के 3124 और ऊधमसिंह नगर के 2022 पुलिस कर्मी शामिल हैं। अन्य जिलों की पुलिस ने भी कोरोना से बचाव के लिए दूसरी डोज ले ली है।
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 24,719 पुलिस कर्मियों में से 24,017 कर्मी पहली और 23,619 पुलिसकर्मी दूसरी डोज लगा चुके हैं।