{"_id":"9fcd42152048b0804b76795d506761e6","slug":"convicted-leader-have-license-of-revolver","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजायाफ्ता 'नेताजी' को दे दिया रिवॉल्वर का लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजायाफ्ता 'नेताजी' को दे दिया रिवॉल्वर का लाइसेंस
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 09 Jan 2014 11:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी देहरादून में कोर्ट से सजा पा चुके एक ‘नेताजी’ को प्रशासन ने रिवॉल्वर का लाइसेंस थमा दिया।
विज्ञापन
झूठी सूचना देने का आरोप
सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ तो बैकफुट पर आई पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया। उस पर झूठी सूचना देने का आरोप लगाया गया है।
पढ़ें, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बांटा जाएगा करोडों का 'खजाना'
विज्ञापन
अनारवाला निवासी वेदप्रकाश महावर ने वर्ष 2006 में रिवॉल्वर के लाइसेंस के लिए आवेदन किया। खुद को एक पार्टी का नेता बनाने वाले महावर ने आवेदन में कभी किसी थाने में अपने खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज न होने की बात कही। बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से भी प्रशासन को यही जानकारी दी गई।
विज्ञापन
पढ़ें, जांबाज बेटी के जज्बे की मुरीद हुई दुनिया
इसके बाद 2006 में महावर को लाइसेंस जारी कर दिया गया। कुछ समय पूर्व वसंत विहार निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस से जानकारी मांगी तो मालूम हुआ कि महावर पर दून के विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से तीन का निस्तारण हो चुका है।
अदालत ने एक साल की सजा सुनाई
1993 के झगड़े के एक मामले में 1995 में महावर को 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। 1993 में तत्कालीन एआरटीओ सुनीता सिंह से विवाद के मामले में कुछ दिन पहले महावर को अदालत ने एक साल की सजा सुनाई है।
पढ़ें, आपदा की 'गोद' में उत्तराखंड, बेफिक्र सरकार
वीरगिरवाली में पेड़ काटने और फर्जी पावर आफ अटार्नी बनाने के मामले में भी महावर आरोपी है। मामले में डीजीपी बीएस सिद्धू ने शहर कोतवाली में उस पर मुकदमा कराया है। इसी मामले में पुलिस कुछ दिन पूर्व शरद सूद को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
पढ़ें, आपकी बीमारी के इलाज का रास्ता इस कुंडली में है...
पुलिस ने बताया कि महावर फिलहाल जमानत पर है। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महावर की तलाश में दबिश दी जा रही है, जबकि लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी डीएम को भेज दी गई है।