{"_id":"67db22c28dd95446cf028eb1","slug":"convention-of-forest-panchayats-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1013-644543-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: चकराता के चिरमिरी टॉप पर संपन्न हुआ वन पंचायतों का महाधिवेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: चकराता के चिरमिरी टॉप पर संपन्न हुआ वन पंचायतों का महाधिवेशन
विज्ञापन
-
- 1
-
Link Copied
क्षेत्र के ग्राम ठाणा-डांडा स्थित पर्यटन स्थल चिरमिरी टॉप पर वन पंचायतों का महाधिवेशन आयोजित किया गया। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए जन सहभागिता जरूरी है। प्रदेश सरकार वन संरक्षण के लिए प्रदेश में 61 नए डेस्टिनेशन बनाने जा रही है। यह जंगलों की सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। वन मंत्री ने इस अवसर पर वन पंचायतों को वनाग्नि सुरक्षा के लिए 15-15 हजार का बजट जारी किया। इसके अलावा 10 वन पंचायतों को अग्निशमन किट व दस वन सरपंचों को सम्मानित भी किया गया।
जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन पंचायतों के सम्मेलन में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश में 11,217 वन पंचायत कार्य कर रही है। इनका उद्देश्य जंगलों को आग से बचाना व स्थानीय स्तर पर वनों का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि वनों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए जंगलों को नष्ट होने से बचाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख, 75 हजार व 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान किए जाने संबंधी जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के लिए प्रदेश में 61 डेस्टिनेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने वनों के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ वन क्षेत्रों से गुजरने वाले मोटरमार्गों को ठीक करने के लिए बजट जारी करने की मांग की। अधिवेशन में कालसी तहसील की 117, चकराता की 46 व त्यूणी की 56 वन पंचायतों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन
इस दौरान प्रताप सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीएफओ अभिमन्यु सिंह, एसडीएम योगेश मेहरा, एसडीएम गौरव चटवाल, मठौर सिंह, निधि राणा, छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी आरएन मंडल आदि उपस्थित रहे।
जिले से हुई वन पंचायतों को बजट देने की शुरुआत
वनाग्नि सुरक्षा के लिए देहरादून जनपद की 200 वन पंचायतों को बजट जारी किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले में पहली बार इस प्रकार की पहल की गई है। बजट मिलने से वन पंचायतें जंगलों की आग की रोकथाम के लिए पैसा खर्च करके भी उपाय कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि अभी आपदा मद से यह राशि प्रदान की गई है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरी किश्त के रूप में वन पंचायतों को और अधिक धनराशि प्रदान की जा सकती है।
इन वन पंचायतों को दी गई किट
महाधिवेशन में क्षेत्र की वन पंचायत नाडा, कांडोई, सावरा, सैंज, डेरियो, लखवाड़, कोदी-भौदी, अतलेऊ, फनार, रायगी वन पंचायतों को अग्निशमन किट प्रदान की गई। इसके अलावा वनाग्नि की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली दस वन पंचायतों के सरपंच संतराम, चैतराम, रामलाल सेमवाल, मदन सिंह, रघुवीर सिंह, अजीत सिंह, नवीन तोमर, केशर सिंह चौहान, अतर सिंह चौहान व अनिता को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन पंचायतों के सम्मेलन में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश में 11,217 वन पंचायत कार्य कर रही है। इनका उद्देश्य जंगलों को आग से बचाना व स्थानीय स्तर पर वनों का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि वनों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए जंगलों को नष्ट होने से बचाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख, 75 हजार व 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान किए जाने संबंधी जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के लिए प्रदेश में 61 डेस्टिनेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने वनों के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ वन क्षेत्रों से गुजरने वाले मोटरमार्गों को ठीक करने के लिए बजट जारी करने की मांग की। अधिवेशन में कालसी तहसील की 117, चकराता की 46 व त्यूणी की 56 वन पंचायतों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन
इस दौरान प्रताप सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीएफओ अभिमन्यु सिंह, एसडीएम योगेश मेहरा, एसडीएम गौरव चटवाल, मठौर सिंह, निधि राणा, छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी आरएन मंडल आदि उपस्थित रहे।
जिले से हुई वन पंचायतों को बजट देने की शुरुआत
वनाग्नि सुरक्षा के लिए देहरादून जनपद की 200 वन पंचायतों को बजट जारी किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले में पहली बार इस प्रकार की पहल की गई है। बजट मिलने से वन पंचायतें जंगलों की आग की रोकथाम के लिए पैसा खर्च करके भी उपाय कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि अभी आपदा मद से यह राशि प्रदान की गई है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरी किश्त के रूप में वन पंचायतों को और अधिक धनराशि प्रदान की जा सकती है।
इन वन पंचायतों को दी गई किट
महाधिवेशन में क्षेत्र की वन पंचायत नाडा, कांडोई, सावरा, सैंज, डेरियो, लखवाड़, कोदी-भौदी, अतलेऊ, फनार, रायगी वन पंचायतों को अग्निशमन किट प्रदान की गई। इसके अलावा वनाग्नि की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली दस वन पंचायतों के सरपंच संतराम, चैतराम, रामलाल सेमवाल, मदन सिंह, रघुवीर सिंह, अजीत सिंह, नवीन तोमर, केशर सिंह चौहान, अतर सिंह चौहान व अनिता को सम्मानित किया गया।