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Dehradun News: संविदाकर्मियों ने किया सीएम आवास कूच, पुलिस ने रोका
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नौकरी से निकाले गए संविदा कर्मचारियों ने सीएम आवास कूच किया। हाथीबड़कला चौकी के पास बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। कर्मचारियों ने वहीं सभा आयोजित कर जल्द सेवा विस्तार नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में नौकरी से निकाले गए संविदाकर्मी बृहस्पतिवार को दून अस्पताल में एकत्रित हुए। कर्मचारी अस्पताल से लैंसडौन चौक, दिलाराम चौक होते हुए हाथीबड़कला पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। कर्मचारी सीएम आवास जाने की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसके बाद संविदा कर्मचारियों ने विशेष प्रतिनिधि के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपा और नौकरी में सेवा विस्तार नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
कर्मचारियों ने बताया कि सीएम की ओर से दो दिन में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान विभिन्न जिलों से आए करीब 300 संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
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रिक्त पदों के सापेक्ष भी नहीं रखा गया : चमन
स्टेट फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर यूनियन के उपाध्यक्ष चमन सिंह ने बताया कि कोरोना काल में कर्मचारियों को संविदा पर रखा गया था और अब जब जरूरत खत्म हो गई तो कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। दून अस्पताल से करीब 300 और प्रदेश के अन्य जिलों समेत करीब 1600 कर्मचारी नौकरी से निकाले गए। इन सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया था कि इन्हें रिक्त पदों के सापेक्ष रख लिया जाएगा, लेकिन इस ओर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदीप पाल ने बताया कि वह सीएमओ ऑफिस में कार्यरत थे। वहां वह ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन का काम करते थे। उनके अलावा टेक्नीशियन, पैथोलॉजिस्ट, वार्ड ब्वॉय, नर्स, सफाईकर्मी, ड्राइवर को भी नौकरी से निकाल दिया गया है।
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प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में नौकरी से निकाले गए संविदाकर्मी बृहस्पतिवार को दून अस्पताल में एकत्रित हुए। कर्मचारी अस्पताल से लैंसडौन चौक, दिलाराम चौक होते हुए हाथीबड़कला पहुंचे। जहां पहले से ही मौजूद पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। कर्मचारी सीएम आवास जाने की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इसके बाद संविदा कर्मचारियों ने विशेष प्रतिनिधि के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपा और नौकरी में सेवा विस्तार नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
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कर्मचारियों ने बताया कि सीएम की ओर से दो दिन में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान विभिन्न जिलों से आए करीब 300 संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।
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रिक्त पदों के सापेक्ष भी नहीं रखा गया : चमन
स्टेट फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर यूनियन के उपाध्यक्ष चमन सिंह ने बताया कि कोरोना काल में कर्मचारियों को संविदा पर रखा गया था और अब जब जरूरत खत्म हो गई तो कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। दून अस्पताल से करीब 300 और प्रदेश के अन्य जिलों समेत करीब 1600 कर्मचारी नौकरी से निकाले गए। इन सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया था कि इन्हें रिक्त पदों के सापेक्ष रख लिया जाएगा, लेकिन इस ओर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदीप पाल ने बताया कि वह सीएमओ ऑफिस में कार्यरत थे। वहां वह ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन का काम करते थे। उनके अलावा टेक्नीशियन, पैथोलॉजिस्ट, वार्ड ब्वॉय, नर्स, सफाईकर्मी, ड्राइवर को भी नौकरी से निकाल दिया गया है।