Dehradun: इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के लिए केंद्र सरकार से अनुबंध जल्द, लगभग 700 करोड़ निवेश का अनुमान
राज्य औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) ने डीपीआर तैयार कर ली है। क्लस्टर को बनाने में 115 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 50 प्रतिशत राशि केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से दी जाएगी। इसके लिए सिडकुल और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध करने की प्रक्रिया चल रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश का पहला इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर बनाने के लिए जल्द ही केंद्र सरकार के साथ अनुबंध किया जाएगा। उसके बाद ही क्लस्टर का काम शुरू किया जाएगा। केंद्र ने भी क्लस्टर विकसित करने को 56 करोड़ रुपये की स्वीकृत दे दी है।
ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर में 133 एकड़ जमीन पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर बनाया जाएगा। राज्य औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) ने डीपीआर तैयार कर ली है। क्लस्टर को बनाने में 115 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 50 प्रतिशत राशि केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से दी जाएगी। इसके लिए सिडकुल और केंद्र सरकार के बीच अनुबंध करने की प्रक्रिया चल रही है।
इस क्लस्टर के बनने के बाद इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण उद्योगों को जमीन के साथ सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें लगभग 60 इलेक्ट्रॉनिक सामान, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, दूरसंचार, बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनियों को प्लॉट दिए जाएंगे। क्लस्टर के अंदर उद्योगों के कर्मचारियों के लिए छात्रावास, वेयर हाउस, उपकरणों की जांच के लिए लैब, फायर स्टेशन, चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: समुदाय विशेष के खिलाफ उत्तरकाशी में जगह-जगह विरोध तेज, बीजेपी नेता ने भी परिवार सहित छोड़ा शहर
200 करोड़ का निवेश करेगी एंकर यूनिट
क्लस्टर में एंकर यूनिट के रूप में समृद्धि ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी को आठ एकड़ जमीन का आवंटन किया गया है। क्लस्टर के बनने से इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में 700 करोड़ रुपये निवेश होने का अनुमान है।