अब किसानों के खेतों पर 'कब्जा' करेगी सरकार
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उत्तराखंड सरकार अब किसानों के खाली खेतों को 'कब्जे' में लेने की तैयारी कर रही है। क्या है पूरा मामला पढ़ें...
उत्तराखंड में संविदा पर खेती की योजना पर सरकार विचार कर रही है। मंडुवा, रामदाना आदि पारंपरिक उत्पादों से बनने वाली नमकीन, बिस्किट आदि पर प्रदेश सरकार वैट में छूट देने की योजना भी बना रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को कृषि विभाग की समीक्षा में यह निर्देश भी जारी किए।
पलायन के चलते प्रदेश में पर्वतीय जिलों में व्यापक स्तर पर खेत बंजर हो रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार अब संविदा पर खेती कराने पर भी विचार कर रही है। हालांकि इसके मानक अभी तैयार होने बाकी है। बृहस्पतिवार को कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने इसके निर्देश भी जारी किए।
जैविक खेती की प्रोत्साहन योजना तैयार करने के निर्देश
उत्तराखंड में करीब सवा दो लाख हेक्टेयर बंजर भूमि हैं। इसमें से 1.36 लाख हेक्टेयर ऐसी भूमि है जो खेती की है पर खेती के काम नहीं आ रही है। सबसे अधिक इस तरह की जमीन पौड़ी में है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारंपरिक उत्पादों की जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन योजना तैयार करने का निर्देश भी दिए। उन्होंने कृषि विभाग को इसके मानक जल्द तैयार करने को कहा। पारंपरिक खेती के तहत प्रदेश में मंडुवा, चौलाय, रामदाना, फाफर ,झिंगोरा आदि की खेती हो रही है। मंडुवे का प्रदेश में उत्पादन करीब 1.55 लाख मीट्रिक टन और झंगोरा का उत्पादन करीब 77 हजार मीट्रिक टन हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कृषि को बेमौसम बरसात से फसल खराब होने से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की लगातार समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से अभी तक सहायता का संकेत नहीं मिला है। पर प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से किसानों की सहायता करेगी। अगली फसल के लिए भी किसानों की हर संभव सहायता का आदेश दिया गया।