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कांग्रेस में टिकट को लेकर बवाल, दावेदारों ने उठाए सवाल
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देहरादून। कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद देहरादून की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष कमलेश रमन ने नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर सूची में महिलाओं की अनदेखी पर नाराजगी जाहिर की। रमन ने पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल के सामने भी अपनी बात रखी।
कमलेश रमन ने पूछा कि वर्ष 2012 से टिकट देने में मेरी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने भी राजपुर विधानसभा क्षेत्र में मेहनत की है। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का मापदंड उत्तराखंड में अलग क्यों है। उत्तराखंड बनाने वाली महिलाएं आज भी टिकट से उपेक्षित हैं। पूरी उम्मीद थी कि इस बार महिलाओं पर भरोसा होगा, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा नहीं किया। इसे लेकर आज महिलाएं बहुत ही निराश हुई हैं। वहीं, कांग्रेस के प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद धर्मपुर विधान सभा में विरोध के सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता एवं राज्य आंदोलनकारी पूरण सिंह रावत पार्टी के फैसले से काफी व्यथित हैं। पूरण सिंह रावत ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से कांग्रेस का सिपाही बनकर लगातार संगठन की विचारधारा के अनुरूप कार्य करता रहा हूं। पिछले पांच वर्षों में जहां धर्मपुर विधानसभा से जिम्मेवार नेता नदारद थे उस कठिन परिस्थितियों में पार्टी का डंडा झंडा उठाकर सरकार की जन विरोधी नीतियों व संगठन के कार्यक्रम को संचालित किया। कोरोना जैसी महामारी के दौरान लगातार जनता के बीच जाकर उनके दुख दर्द में शामिल हुआ। शीर्ष नेतृत्व द्वारा टिकट न देना क्षेत्र की जन भावना और समर्थकों को ठेस पहुंची। पूरण सिंह रावत ने कहा कि वह अब जनता के बीच जा कर न्याय की गुहार लगाएंगे।
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कमलेश रमन ने पूछा कि वर्ष 2012 से टिकट देने में मेरी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने भी राजपुर विधानसभा क्षेत्र में मेहनत की है। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का मापदंड उत्तराखंड में अलग क्यों है। उत्तराखंड बनाने वाली महिलाएं आज भी टिकट से उपेक्षित हैं। पूरी उम्मीद थी कि इस बार महिलाओं पर भरोसा होगा, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा नहीं किया। इसे लेकर आज महिलाएं बहुत ही निराश हुई हैं। वहीं, कांग्रेस के प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद धर्मपुर विधान सभा में विरोध के सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता एवं राज्य आंदोलनकारी पूरण सिंह रावत पार्टी के फैसले से काफी व्यथित हैं। पूरण सिंह रावत ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से कांग्रेस का सिपाही बनकर लगातार संगठन की विचारधारा के अनुरूप कार्य करता रहा हूं। पिछले पांच वर्षों में जहां धर्मपुर विधानसभा से जिम्मेवार नेता नदारद थे उस कठिन परिस्थितियों में पार्टी का डंडा झंडा उठाकर सरकार की जन विरोधी नीतियों व संगठन के कार्यक्रम को संचालित किया। कोरोना जैसी महामारी के दौरान लगातार जनता के बीच जाकर उनके दुख दर्द में शामिल हुआ। शीर्ष नेतृत्व द्वारा टिकट न देना क्षेत्र की जन भावना और समर्थकों को ठेस पहुंची। पूरण सिंह रावत ने कहा कि वह अब जनता के बीच जा कर न्याय की गुहार लगाएंगे।
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