उत्तराखंड: सितारगंज में दर्दनाक हादसा, कंटेनर की चपेट में आकर दंपती की मौत, परिवार में मचा कोहराम
- सितारगंज सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत छोटे भाई से मिलने पत्नी कमला देवी के साथ आए थे हीरा सिंह
- सल्ट की अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक में सचिव के पद पर कार्यरत थे, परिजनों में मचा कोहराम
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उत्तराखंड में रामनगर निवासी पति-पत्नी की रविवार को कंटेनर की चपेट में आने से मौत हो गई। पति यहां सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत अपने छोटे भाई से मिलकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। दंपती की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है।
रविवार सुबह ढेला (रामनगर) निवासी हीरा सिंह रावत (55) पुत्र गोविंद सिंह पत्नी कमला देवी (50) के साथ यहां सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत अपने छोटे भाई पूरन सिंह रावत से मिलने आए थे। शाम करीब 3:45 बजे स्कूटी (यूके 19ए 0853) से दोनों घर लौट रहे थे। जैसे ही वे सिसौना गांव में अशोका होटल के पास पहुंचे, नगर से सिडकुल की तरफ जा रहे कंटेनर (एचआर 63सी 0769) ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में हीरा सिंह और उनकी पत्नी कमला की मौके पर ही मौत हो गई।
आसपास के लोगों ने सिडकुल चौकी पुलिस और आपातकालीन 108 एंबुलेंस को हादसे की सूचना दी। जब तक एंबुलेंस दुर्घटनास्थल पर पहुंचती दंपती दम तोड़ चुका था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया और ग्रामीणों की मदद से हीरा सिंह और कमला देवी को सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने दोनों की मौत की पुष्टि की।
सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र कोरंगा ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया गया है। इधर, मृतक हीरा सिंह के छोटे भाई पूरन सिंह ने बताया कि उनके भाई सल्ट (अल्मोड़ा) में अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक में सचिव के पद कार्यरत थे। हीरा सिंह के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटा बेटा अविवाहित है। समाचार लिखे जाने तक हादसे की तहरीर नहीं दी गई थी।
आधे घंटे तक तड़पती रही कमला
सड़क हादसे में पति हीरा सिंह की मौत होने के बाद करीब आधे घंटे तक उनकी पत्नी कमला देवी तड़पती रही। यदि आपातकालीन 108 एंबुलेंस समय पर दुर्घटनास्थल पर पहुंच जाती तो शायद इलाज मिलने पर कमला देवी की जान बच सकती थी। एंबुलेंस के आधे घंटे देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें बचाने के लिए निजी वाहन में लादकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जीए भी साथ और दुनिया से गए भी साथ
रामनगर के दंपती जीए भी साथ और दुनिया को अलविदा भी एक साथ कह गए। कंटेनर की चपेट में आने के बाद भी दोनों एक-दूजे से नहीं बिछड़े। जब पति ने दम तोड़ा तो कमला देवी भी उनके साथ दुनिया से चली गईं। सड़क पर कंटेनर के नीचे पति के कंधे पर हाथ रखकर ही कमला देवी ने अंतिम सांस ली। इस मंजर ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।