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कंपनी ने नहीं किया बीमा भुगतान, तो महिला को आया गुस्सा और इस तरह निकलवा लिए पैसे 

Fri, 02 Jun 2017 09:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Fri, 02 Jun 2017 09:20 PM IST
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Consumer Forum order to insurance company and bank

इंश्योरेंस कंपनी ने एक मह‌िला को उसकी बीमा राश‌ि देने से इंकार क‌‌िया तो मह‌‌िला को गुस्सा आ गया। इसके बाद मह‌िला ने ऐसा काम क‌िया क‌ि अब कंपनी को उसे ब्याज सह‌ित पूरा भुगतान करना पड़ेगा।

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दरअसल, पीड़ित को बीमा भुगतान करने से इनकार करने के मामले में शुक्रवार को न्यायालय जिला उपभोक्ता फोरम ने अपना फैसला सुनाया। फोरम ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाख नगरासू को एक माह के भीतर साढ़े चार लाख रुपये पीड़ित को भुगतान के निर्देश दिए है। 
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पीड़ित शशि देवी मामले में उपभोक्ता फोरम अदालत में जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। पीड़ित शशि देवी के अनुसार उसके पति स्व. सत्य प्रसाद पुत्र विश्रामदत्त का संयुक्त रूप से एसबीआई नगरासू में बैंक खाता था। यह खाता एसबीआई जनरल इंश्योरेंस की ओर से बीमित था। 

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ब्याज सह‌ित करना पड़ेगा पूरा भुगतान

Consumer Forum order to insurance company and bank

कंपनी द्वारा सत्यप्रसाद के नाम से मास्टर पालिसी व प्रमाणपत्र जारी किया गया था, जिसमें पीड़ित नामित है। पीड़ित के पति की 7 मार्च 2015 को चट्टान से गिरकर मृत्यु हो गई थी, जिसकी सूचना थाना रुद्रप्रयाग को दी गई। मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। मृतक की पत्नी की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर बीमा क्लेम कर कंपनी को सभी कागजात भेजे गए।

कई बार कंपनी के टोल-फ्री नंबर का कॉल भी की गई, लेकिन कंपनी ने पीड़ित पति की मृत्यु का कारण शराब के सेवन से होने की बात कहकर बीमा राशि देने से इंकार किया गया। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य कागजात में ऐसा कोई जिक्र नहीं है।  

अंतत: शशि देवी पत्नी स्व. सत्य प्रसाद ग्राम चिंवाई (शिवानंदी) के मामले में फोरम ने अपना फैसला सुनाते हुए कंपनी को पीड़ित को बीमा की राशि 4 लाख रुपये भुगतान करने को कहा। साथ दो वर्ष का 8 प्रतिशत वार्षिक व्याज की दर से ब्याज सहित आर्थिक व मानसिक क्षति के रूप में 50 हजार रुपये भुगतान के निर्देश दिए। पीड़ित की तरफ से अधिवक्ता राकेश मोहन पंत ने बहस की। इस मौके पर फोरम के सदस्य जीतपाल सिंह कठैत व गीता राणा भी मौजूद थे।

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