स्वामी सानंद की मौत के बाद बड़ा दांव खेलने की तैयारी में कांग्रेस, हरिद्वार आ सकते हैं राहुल गांधी
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गंगा की अविरलता के लिए अनशनरत पर्यावरणविद् सानंद की मौत के बाद उपजी स्थिति के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हरिद्वार आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार को धर्मनगरी का रुख कर सकते हैं। बृहस्पतिवार को इस संबंध में चर्चाएं होती रहीं। हालांकि उत्तराखंड कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की है।
दरअसल, गंगा के मुद्दे पर कांग्रेस अब भाजपा सरकारों पर बड़ा हमला बोलने की तैयारी में है। इस तरह के मामलों में राहुल गांधी की संवेदनशीलता को देखते हुए माना जा रहा है कि वह हरिद्वार आने से चूकेंगे नहीं। सानंद की मौत के बाद गंगा के विषय पर हरिद्वार में अचानक से गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के हरिद्वार के कार्यक्रम को प्लान किया जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस का कोई बड़ा नेता इस खबर की पुष्टि करने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह के अनुसार, सानंद की मौत से भाजपा का गंगा प्रेम बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी के हरिद्वार के कार्यक्रम की फिलहाल उन्हें जानकारी नहीं है। ऐसा ही कुछ प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी कहा है।
दो संतों को भाजपा के शासनकाल में प्राण त्यागने पडे़
प्रदेश कांग्रेस ने सानंद की मौत पर तेवर बेहद तल्ख कर लिए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया हैं।
पार्टी ने कहा है कि सानंद की मौत के लिए केंद्र और राज्य सरकार जिम्मेदार है। पार्टी ने भाजपा की दोनों सरकारों पर सानंद के मामले में असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप भी मढ़ दिया है।
गंगा की अविरलता के लिए अनशनरत सानंद की मौत पर कांग्रेस सवाल उठा रही है कि गंगा की बात करने वाली पार्टी की सरकार सानंद के जीवन की रक्षा क्यों नहीं कर पाई।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कहते हैं कि सानंद की मौत राज्य और केंद्र सरकार की असंवेदनशीलता का नतीजा है। उन्होंने कहा है कि गंगा की अविरलता के लिए दो संतों को भाजपा के शासनकाल में प्राण त्यागने पडे़ हैं।
भाजपा को गंगा के एजेंडे पर ही घेरने की रणनीति
इसके बाद राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही कटघरे में खड़ी हैं। सानंद के जीवन को बचाने के लिए सरकारों के स्तर पर गंभीर प्रयास नहीं हुए। इधर, कांग्रेस के मुख्य प्रचार समन्वयक धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि सानंद की मौत से सरकार का गंगा प्रेम छलावा साबित हुआ है। सानंद की मौत केंद्र सरकार की लापरवाही से हुई है। सरकार ने समय रहते उनका अनशन समाप्त कराने की गंभीर कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि सानंद की मौत की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए।
कांग्रेस अब भाजपा को गंगा एजेंडे पर घेरने की तैयारी में है। गंगा के देशव्यापी मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान भी अब उत्तराखंड इकाई से बेहद प्रभावशाली भूमिका की उम्मीद कर रहा है। ऐसे में गंगा के मुद्दे को प्रभावी तरीके से उठाने का प्रदेश कांग्रेस के ऊपर दबाव भी हो सकता है। लिहाजा प्रदेश कांग्रेस इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करने की तैयारी में है।