फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   congress use shortcut for lok sabha ticket

लोकसभा टिकट की दौड़ में छोटे नेता 'पिटे'

Thu, 23 Jan 2014 12:53 PM IST
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाला, देहरादून
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 23 Jan 2014 12:53 PM IST
विज्ञापन
congress use shortcut for lok sabha ticket

लोकसभा टिकट को लेकर राजधानी देहरादून में आयोजित कांग्रेस की पहली बैठक ही शॉर्टकट रही।

विज्ञापन


छोटे कार्यकर्ताओं का पैनल तक नहीं
यह सच है कि कांग्रेस में अंतिम फैसला आलाकमान का ही होता, लेकिन ब्लॉक, बूथ और जिलों में राजनीति चमकाने वाले छोटे कार्यकर्ताओं का पैनल देखा तक नहीं गया। जबकि आलाकमान की मंशा थी कि निचले स्तर से तीन-तीन सदस्यों के नाम मांगे जाएं।

पढ़ें, देहरादून में हुई नौकरियों की बरसात
विज्ञापन


शायद इस प्रक्रिया से कुछ जमीनी नेताओं के नाम भी सामने आते, लेकिन लोकसभा सीटों पर फिलहाल जो भारी-भरकम नाम हैं उनके साथ छोटे नाम भी पैनल में बराबरी से खड़े होते दिखते।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, सालों बाद फेसबुक ने परिवार को किया एक

हरिद्वार से लोकसभा सांसद प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव लेकर आए थे। जिसे खारिज करने की हिम्मत वर्तमान राजनीतिक माहौल में शायद ही किसी की थी।


पढ़ें, शादी के दिन ली ऐसी शपथ कि हिट हो गई जोड़ी

प्रदेश की मंत्री इंदिरा ह्दयेश ने उसका अनुमोदन कर दिया और उम्मीदवारों के चयन का जिम्मा आलाकमान को सौंप दिया गया।

पढ़ें, प्यार से मिलने गया, लेकिन मिली मौत

बैठक में मौजद मुख्यमंत्री का कहना है कि हरीश रावत वरिष्ठ है उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। आलाकमान को अधिकृत करने का मॉडल उत्तराखंड का नहीं है। उत्तर प्रदेश से उपजे इस प्रदेश की राजनीति भी उसी आधार पर चलती है।

यशपाल आर्य भी उत्साहित नहीं
उत्तर प्रदेश ने ऐसा ही किया है। इस्तीफा सौंप चुके प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य इस मामले में अधिक उत्साहित भी नहीं हैं। उन्होंने जिलों से तीन-तीन नामों के पैनल तो मंगा लिए लेकिन यह भी जरूरी नहीं समझा कि बैठक में इस पर चर्चा हो।

बेटी के हक में शपथ लेने के लिए क्लिक करें

जबकि एक दिन पहले घोषणा की मंगलवार को बैठक के बाद ही पैनल भेज दिए जाएंगे। हां प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर जरूर कुछ चिंतित दिखे।

उन्होंने जिलों से मंगाए नामों को भेजने की बात कही है। अब देखना है कि इस पर अमल कितना होगा। बैठक में अनुशांगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी थे लेकिन वह भी हां में हां मिलाते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed