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कांग्रेस ने फोड़ा ढैंचा बीज बम
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 19 Jul 2014 11:07 AM IST
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ढैंचा बीज आपूर्ति को लेकर हुए घोटाले का मामला एक बार फिर चुनावी मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट में दोषी ठहराये गए तत्कालीन कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ऐसे समय घेरने की कोशिश है जब वह डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हैं।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत और ढैंचा बीज घोटाले पर कार्रवाई की मांग कर रही प्रदेश कांग्रेस इसे कतई चुनावी हथकंडा नहीं मान रही है।
कृषि मंत्री की भूमिका स्पष्ट और संदिग्ध
कांग्रेस का कहना है कि इस घोटाले में तत्कालीन कृषि मंत्री की भूमिका स्पष्ट और संदिग्ध है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त मुख्य प्रदेश समन्वयक जोत सिंह बिष्ट और मीडिया समन्वयक सुरेन्द्र सिंह आर्य ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्र्रेस कर ढैंचा बीज घोटाले में त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट में दोषी पाए गए तत्कालीन कृषि मंत्री और अन्य के खिलाफ सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे का उपचुनाव से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस ने 2012 विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता से वादा किया था कि भाजपा के शासनकाल में हुए घोटालों की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का काम करेंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मामले को त्रिपाठी आयोग को सौंपा था। जिसकी रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य हैं।
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्कूटर, मोटरसाइकिल के नम्बरों पर चार मैदानी जिलों में बीच की आपूर्ति दिखाई गई है। जबकि जरूरतमंद किसानों तक बीज नहीं पहुंचा। तत्कालीन कृषि मंत्री ने कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में चूक की है और मामला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की धाराओं में आता हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री की अनुमति प्राप्त होने केबाद ही अग्रिम कार्रवाई की गई थी इसलिए वह भी दोषमुक्त नहीं हो सकते हैं।