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रेप केस के बाद हरक पर कांग्रेस नरम, बताया पुराना मित्र
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 03 Aug 2016 03:59 PM IST
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हरक सिंह रावत
- फोटो : RajivGupta/AmarUjala
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उम्मीद थी कि बागी हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के मामले में कांग्रेस हमलावर रुख अपनाएगी पर अब तक ऐसा नहीं दिख रहा। इसके उलट कांग्रेस ने नरम रुख अपनाते हुए हरक के साथ छिपी हुई हमदर्दी दिखाई। रविवार को पत्रकारों ने जब कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से इस मामले में सवाल किए तो उन्होंने हरक सिंह को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि वे 2003 में भी उनके साथ खड़े थे।
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हरक सिंह पर दिल्ली में दर्ज हुए रेप के मामले में सवालों के जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे मामलों में बिना जांच पूरी हुए किसी के बारे में कुछ कहना उचित नहीं है। कानून को अपना काम करना चाहिए पर किसी निर्दोष को फंसाया नहीं जाना चाहिए।
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उन्होंने आशा व्यक्त की कि दिल्ली पुलिस अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी। कहा कि वर्ष 2003 में भी हरक पर लगे आरोपों के मामले में मैं अकेला व्यक्ति था जो यह कह रहा था कि दोषी पाए जाने पर ही दंड मिलना चाहिए। बिना सुनवाई किसी के बारे में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा। बाद में अदालत ने उनको बरी कर दिया। हरक सिंह उनके पहले भी मित्र रहे हैं, आज भी हैं।
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इस मामले में कांग्रेस का हाथ होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है, क्योंकि यह मामला उत्तराखंड में नहीं दिल्ली में दर्ज हुआ है। दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन कार्य करती है। साथ ही यह भी जोड़ा कि हरक सिंह के खिलाफ भाजपा के ही कुछ लोग लगे हुए हैं। ये वे लोग हैं जिनको लगता है कि हरक सिंह के भाजपा में आ जाने से उनका राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। ऐसे लोगों ने ही केंद्र की भाजपा सरकार के साथ मिलकर इस तरह का काम किया है।
हरक को लेकर भाजपा में वेट एंड वॉच
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ रेप केस दर्ज होने से भाजपा एक बार फिर असमंजस में है। हरक के मामले में भाजपा के अंदरखाने चल रहे विरोध को एक बार फिर हवा मिल गई। हाईकमान के दबाव बनाने के बाद भाजपा के हरक विरोधी सामान्य होने लगे थे। लेकिन अब पार्टी के सामने उलझन की स्थिति यह है कि हरक के मामले में क्या रणनीति बनाई जाए? क्योंकि हाल के दिनों में उनको कुछ अहम जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
अगस्त माह में प्रदेश में पार्टी की ओर से जो पर्दाफाश रैली निकाली जाएगी, उसमें हरक को भी अहम भूमिका दी गई है। रैली के जिन सात लोगों की टीम बनाई गई है, उसमें वह भी शामिल हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हरक पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। पुलिस उनको पूछताछ के लिए भी तलब कर सकती है।
ऐसे में सवाल उठाता है कि क्या हरक सिंह रावत पर्दाफाश रैली में भाग लेंगे? या फिर भाजपा ने रैली के लिए जो टीम गठित की है उससे उनको बाहर कर दिया जाएगा? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि अभी इस मामले में सत्यता का पता लगाया जा रहा है। हो सकता है कि हरक का मनोबल तोड़ने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया हो।