मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ कांग्रेस ने देहरादून की सड़कों पर उतारी बैलगाड़ी
- बैलगाड़ी से किया एमवी एक्ट के जुर्माने का विरोध
- कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, जुर्माने की दरें कम करने की मांग
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नये मोटर व्हीकल एक्ट में बढ़ाई गई जुर्माने की दरों और सड़कों की खस्ताहाल पर कांग्रेसियों ने सोमवार को शहर में बैलगाड़ी घुमाकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुविधाएं देने में नाकाम प्रदेश और केंद्र सरकार अब मनमाने टैक्स लगाकर लोगों को परेशान कर रही है।
सोमवार को महानगर और युवा कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता बैलगाड़ी लेकर राजपुर रोड स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन पहुंचे। उसके बाद एस्लेहॉल चौक, ग्लोब चौक, क्वालिटी चौक होते हुए वापस कांग्रेस भवन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों की हालत खराब है। चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें काम नहीं कर रही हैं। लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं। प्रदेश में लोगों को किसी तरह की सुविधाएं नहीं दी जा रही है। बावजूद इसके नये मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का हवाला देकर पुलिस और परिवहन विभाग लोगों से मनमाना जुर्माना वसूल रहे हैं।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि डिजिटल इंडिया के युग में सरकार को मौके पर ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने चाहिए। गलत ढंग से गाड़ी चलाने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन दस्तावेजों के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में भूपेंद्र नेगी, संदीप चमोली, नागेश रतूड़ी, कमलेश रमन, ताहिर अली, कमर ताबी, शिवम कुमार, हिमांशु रावत, वासु शर्मा, रोहित ठाकुर आदि शामिल रहे।
पुलिस से हुई नोक-झोंक
बैलगाड़ी लेकर प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिसकर्मियों ने सुबह सबसे पहले राजीव भवन से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिस ने तर्क दिया प्रदर्शन से सड़कों पर जाम लग जाएगा। इसको लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों में नोक-झोंक हो गई। बाद में आस-पास के चौक से घूमकर आने के आश्वासन पर पुलिस ने कांग्रेसियों को सड़क पर निकलने दिया।
15 दिन में 1956 चालकों का चालान
ट्रैफिक निदेशालय के निर्देश पर प्रदेश भर में 15 दिन के विशेष अभियान में मोबाइल पर बात करने वाले 1956 चालकों का चालान करने के साथ 168 वाहन सीज किए गए। तीन सवारी पर 4826 वाहनों के चालान के साथ 182 को सीज करने की कार्रवाई की गई। पुलिस उप महानिरीक्षक यातायात केवल खुराना के मुताबिक एक सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक प्रदेश के 13 जिलों में वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने और दुपहिया वाहन पर तीन सवारी रोकने को अभियान चलाया गया था। अभियान में नियमाें का उल्लंघन करने पर व्यापक कार्रवाई की गई है।
मोबाइल पर बात करने पर हरिद्वार में सबसे ज्यादा 447 दोपहिया और 231 चौपहिया वाहनों का चालान किया गया। नैनीताल में 303 दोपहिया, 174 चौपहिया, ऊधमसिंह नगर में 300 दोपहिया और 145 चौपहिया और दून में 180 दोपहिया और 51 चौपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई। तीन सवारी पर हरिद्वार में 1113, नैनीताल में 695, देहरादून में 369 और ऊधमसिंह नगर में 114 दुपहिया वाहन चालकों के चालान किए गए। मोबाइल और तीन सवारी में पकड़े गए वाहन चालकों के डीएल जब्त कर निरस्त करने की संस्तुति की गई है।
सर्वर हुआ डाउन, प्रदूषण जांच को खड़े लोग परेशान
शहर के 19 केंद्रों पर प्रदूषण जांच को कतार में लगे लोग उस वक्त परेशान हो गए, जब सर्वर डाउन होने से वेबसाइट रुक गई। बार-बार कोशिश करने के बाद भी वेबसाइट नहीं चली। भीड़ बढ़ती चली गई। बमुश्किल पुलिस ने केंद्रों पर हालात संभाले।
सोमवार को सुबह से प्रदूषण केंद्रों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। टोकन लेने के बाद लोग अपने वाहन लेकर कतार में खड़े हो गए। दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक सर्वर डाउन हो गया। प्रदूषण जांच के लिए परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट ठप हो गई। करीब एक घंटे तक वेबसाइट में वाहनों की नंबर प्लेट का फोटो अपलोड ही नहीं हुआ। भीड़ बेकाबू होती इससे पहले पुलिस ने हालात संभाले। बाद में वेबसाइट चलने लगी तो लोगों को सुकून मिला।
इंश्योरेंस के लिए भी लाइन
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद न केवल प्रदूषण बल्कि इंश्योरेंस के लिए भी लोग लाइन में लग रहे हैं। हालांकि यहां प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां होने की वजह से राह आसान हो गई है। सरकारी बीमा कंपनियों में रोजाना के वाहन इंश्योरेंस की संख्या में जबर्दस्त उछाल आया है।