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विधानसभा चुनावः यहां कांग्रेस को चार सीटों पर राहत, नौ में आफत

Wed, 01 Feb 2017 08:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 01 Feb 2017 08:26 PM IST
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congress manage damage control in 4 seat
सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

बागियों की चुनौती में फंसी 13 में से चार विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल असर दिखा गया। देहरादून कैंट, किच्छा, बागेश्वर और कपकोट विधानसभा सीट पर उतरे बागी शीर्ष नेताओं के मान मनोव्वल के बाद मैदान से हट गए।

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मगर सहसपुर समेत नौ सीटों पर बागियों के मैदान में डटे रहने से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उसे धनोल्टी सीट पर पार्टी प्रत्याशी मनमोहन सिंह मल्ल की जिद के आगे भी झुकना पड़ा है। आलाकमान के दखल के बावजूद मल्ल ने नामांकन वापस नहीं लिया।
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मगर पार्टी को किच्छा सीट पर सबसे बड़ी राहत मिली। वहां चुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत को पार्टी की प्रदेश महासचिव शिल्पी अरोड़ा के चुनौती दिए जाने से कांग्रेस बेहद असहज नजर आ रही थी।
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शिल्पी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। बुधवार की शाम वह कांग्रेस भवन पहुंची जहां उन्होंने नामांकन वापसी को लेकर सफाई दी और खुद को कांग्रेस का निष्ठावान सिपाही बताया। शिल्पी ने कहा कि उनकी नाराजगी गदरपुर सीट पर राजेन्द्र सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर थी। लेकिन आलाकमान ने उन्हें आश्वस्त किया है। वह भी नहीं चाहती कि उनके चुनाव लड़ने से साम्प्रदायिक ताकतों को फायदा मिले।

गढ़वाल में कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल बेअसर

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देहरादून कैंट सीट पर राजेन्द्र सिंह धवन भी मैदान से हट गए। उन्होंने कांग्रेस भवन में नामांकन वापसी का एलान किया। मगर इस दौरान धवन ने यह कहकर पार्टी नेताओं को असहज कर दिया कि टिकट आवंटन में पंजाबी समुदाय की अनदेखी हुई। सूत्रों की मानें तो गढ़वाल में कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल बेअसर रहा।

सहसपुर में बागी आर्येन्द्र शर्मा को मनाने की सारी कोशिशें नाकाम रही। चुनाव प्रभारी कुमारी शैलजा का ब्रहमास्त्र भी फेल हो गया। धनोल्टी में निर्दलीय प्रीतम पंवार को समर्थन देने का वादा पार्टी अब शायद ही निभा पाएगी। केंद्रीय नेताओं के दबाव के बावजूद पार्टी प्रत्याशी मनमोहन मल्ल ने नामांकन वापस नहीं लिया।

रायपुर, रूद्रप्रयाग, देवप्रयाग, यमकेश्वर में पार्टी बागियों को नहीं मना सकी। यही निराशा उसे ज्वालापुर, लालकुआं, भीमताल व नैनीताल सीट पर झेलनी पड़ी। अलबत्ता कुमाऊं की कपकोट, बागेश्वर और किच्छा सीट पर वह राहत महसूस कर रही है। इन तीनों सीटों पर उसका डैमेज कंट्रोल काम कर गया।

पार्टी में टिकट की दावेदारी सब करते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है। एक-एक सीट पर कई-कई लोग दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन 70 टिकट ही दिए जा सकते हैं। इसलिए पार्टी ने जिन्हें उम्मीदवार बनाया है, सबको उनका समर्थन करना चाहिए। सहसपुर में आर्येन्द्र शर्मा भी दावेदार थे। मगर वह चुनाव लड़ रहे हैं। यह तय है कि वहां से किशोर उपाध्याय ही चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।
- कुमारी शैलजा, अध्यक्ष, स्क्रीनिंग कमेटी, कांग्रेस

इन सीटों पर फंसी कांग्रेस

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सहसपुर- आर्येन्द्र शर्मा
रायपुर- रजनी रावत
देवप्रयाग- शूरवीर सिंह सजवाण
यमकेश्वर- रेनू बिष्ट
रूद्रप्रयाग- प्रदीप थपलियाल
ज्वालापुर- बृज रानी
लालकुआं- हरेंद्र सिंह वोहरा
भीमताल- राम सिंह केड़ा
नैनीताल- केएल आर्या

इन सीटों पर राहत
बागेश्वर- रंजीत दास
किच्छा- शिल्पी अरोड़ा
कपकोट- उमेद सिंह माजिला
देहरादून कैंट - राजेन्द्र सिंह धवन

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