विधानसभा चुनाव में हार के बाद ‘भोले’ की शरण में कांग्रेस
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद अब कांग्रेस ‘भोले’ की शरण में जाएगी।
प्रत्येक माह होने वाली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक 10 अप्रैल को जागेश्वर धाम में होगी। बैठक में हार पर मंथन के साथ ही कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के रोडमैप पर भी बात होने की संभावना है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक प्रत्येक माह की 24 तारीख को होती है। 11 मार्च को आए अप्रत्याशित चुनाव परिणाम ने कांग्रेस के आला नेताओं का हलाकान कर दिया था। कांग्रेस भी नतीजों को सहज ढंग से पचा नहीं पा रही थी।
कांग्रेस नेताओं ने ईवीएम पर सवाल खड़े किए थे। हार के बाद भी कांग्रेस में आपसी गुटबंदी थमी नहीं। नेता प्रतिपक्ष को लेकर कांग्रेस में खेमेबंदी होती रही। करण महरा को नेता प्रतिपक्ष बनवाने के लिए एक गुट सक्रिय था।
मनोबल कैसे बढ़ाया जाए इस पर भी विचार होगा
सूत्रों की मानें तो 10 अप्रैल को पीसीसी की बैठक से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं के प्रत्येक जिले में जिला कार्यकारिणी के साथ बैठक करेंगे। जिला कार्यकारिणी और पीसीसी की बैठक में हार पर मंथन करने के साथ ही कांग्रेस को दोबारा कैसे पुनर्जीवित किया जाए और मुद्दे उठाकर जनता के साथ खड़े होने पर रणनीति बनेगी।
साथ ही हार के बाद हतोत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल कैसे बढ़ाया जाए इस पर भी विचार होगा। माना जा रहा है कि जागेश्वर धाम (भोले) का आशीर्वाद लेकर कांग्रेस 2019 और 2022 में नए उत्साह के साथ मैदान में उतरेगी।
हार की समग्र समीक्षा तो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी करेगी। जिला कार्यकारिणी की बैठक में संवाद करने के साथ ही सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जो प्रस्ताव आएंगे उन पर बात होगी। पीसीसी की बैठक में हार पर मंथन करने के साथ ही भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
- किशोर उपाध्याय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष