यशपाल की डांट से गिरा कांग्रेस का एक और विकेट
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कांग्रेस की कलह संगठन तोड़ रही है। एक ओर तीन साल से महानगर अध्यक्ष की कुर्सी खाली पड़ी है, वहीं जिलाध्यक्ष दीन मोहम्मद ने भी इस्तीफा दे दिया है।
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किसी बात पर प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य बिगड़े तो जवाब में जिलाध्यक्ष ने उनके आगे त्यागपत्र रख दिया। अब कांग्रेस की जिला और महानगर इकाई अध्यक्ष विहीन हो गई है।
कामकाज के संबंध में यशपाल आर्य ने डांटा
कांग्रेस में महानगर अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान का असर संगठन के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ रहा है। हुआ यह था कि बुधवार शाम को प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने जिलाध्यक्ष को कामकाज के संबंध में बुलाकर डांट दिया था।
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इसे दूसरे गुट ने मुद्दा बना लिया। घटना की आलोचना शुरू कर दी और जिलाध्यक्ष दीन मोहम्मद से इस्तीफा दिला दिया।
प्रदेश अध्यक्ष का विरोधी गुट इस मुद्दे को अल्पसंख्यक रंग देने में जुट गया है।
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इस घटना की व्याख्या मुसलिम समाज से जोड़कर की जा रही है। कुछ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दीन मोहम्मद बुजुर्ग कांग्रेसी हैं। पार्टी में उनका सम्मान है।
इस्तीफे से प्रभावित होगा मुसलिम समुदाय
उनका इस्तीफा मुसलिम समुदाय के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा। इसका असर लोकसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है। प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने दीन मोहम्मद के इस्तीफा को अभी आगे नहीं बढ़ाया है।
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एक गुट इस्तीफा वापस करवाने में भी जुटा हुआ है। दीन मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। यह स्वीकार होता है कि नहीं, इसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है।
कांग्रेस का एक गुट इस मुद्दे को लंबा खींचना चाहता है जिससे इस मामले को हाईकमान गंभीरता से ले।