उत्तराखंड के इस नेता के आगे झुका कांग्रेस हाईकमान, जानिए क्यों?
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मुख्यमंत्री हरीश रावत के दबाव में कांग्रेस आलाकमान को अपना फैसला बदलना पड़ रहा है। प्रदेश की सभी 70 सीटों पर अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने का दंभ भरने वाली पार्टी धनोल्टी विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी वापस लेने की तैयारी में है।
इस सीट पर पार्टी ने मनमोहन सिंह मल्ल को उम्मीदवार बनाया है। शुक्रवार को मल्ल ने सैकड़ों समर्थकों के बीच कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। इस बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव मधुसूदन मिस्त्री का पत्र सामने आ गया, जिसमें धनोल्टी सीट पर प्रीतम पंवार को पार्टी के समर्थन करने के निर्णय का उल्लेख है।
पीडीएफ के मंत्रियों पर आमने-सामने रहे थे सीएम और किशोर
पीडीएफ के मंत्रियों को कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ाने को लेकर मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एक मत नहीं रहे हैं। किशोर उपाध्याय शुरुआत से पीडीएफ को लेकर सीएम से स्पष्टीकरण मांगते रहे हैं।
प्रत्याशियों के एलान से पहले ही वह इस बात पर जोर देते रहे कि पार्टी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। मगर, सीएम भी बार-बार ये संकेत देते रहे कि पीडीएफ मंत्रियों के लिए पार्टी सीट खाली भी कर सकती है। धनोल्टी सीट पर आलाकमान के ताजा रुख से साफ है कि मुख्यमंत्री अपनी बात मनवाने में कामयाब रहे।
उन्हीं के दबाव में पार्टी धनोल्टी से अपना प्रत्याशी हटाने का फैसला ले रही है। सीएम टिहरी सीट से भी दिनेश धनै की राह आसान करना चाहते थे। मगर धनै के धुर विरोधी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उपाध्याय ने टिहरी सीट पर पार्टी प्रत्याशी घोषित कराकर ही दम लिया।
मल्ल मैदान से हटने को तैयार नहीं
बहरहाल, धनोल्टी में एआईसीसी के पत्र से यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रीतम पंवार का समर्थन करेगी। यानी पार्टी मल्ल को मैदान से हटाएगी। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी आलाकमान के फैसले को माना जाएगा। यानी पार्टी मल्ल को चुनाव मैदान से हटने को कहेगी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने भले ही पत्र भेजकर धनोल्टी सीट पर प्रीतम को समर्थन का निर्णय ले लिया है, लेकिन मल्ल भी मैदान से हटने को तैयार नहीं दिख रहे। मल्ल ने पार्टी आलाकमान के फैसले की जानकारी से अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह पर्चा दाखिल कर चुके हैं और चुनाव लड़ेंगे।
यूकेडी पी के प्रत्याशी नहीं पंवार
कांग्रेस आलाकमान को यह जानकारी तक नहीं है कि प्रीतम पंवार निर्दलीय लड़ रहे हैं या यूकेडी पी के प्रत्याशी हैं। एआईसीसी के महासचिव मधुसूदन मिस्त्री के पत्र में प्रीतम पंवार को यूकेडी पी का प्रत्याशी बताया गया है, जबकि इस पार्टी ने उन्हें कभी का निष्कासित कर रखा है।
वैसे भी पंवार ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है। लेकिन जानकारों की मानें तो एआईसीसी ने तकनीकी आधार पर यूकेडी पी का जिक्र किया है ताकि प्रीतम को गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर देखा जाए।