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60 दिन में सभी होटलों को लगाना होगा कंपोस्टर
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नगर निगम क्षेत्र में मौजूद सभी होटलों को अगले 60 दिन के भीतर कंपोस्टर लगाना होगा। इसके अलावा रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी अपने यहां कंपोस्टर लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर रोजाना 500 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
सोमवार को नगर निगम सभागार में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और होटल मालिकों आदि की बैठक हुई। जिसमें क्षेत्र के सभी बल्क जनरेटर (आरडब्ल्यूए, होटल, सरकारी व प्राइवेट कॉलोनियां, ऑफिस, स्कूल) द्वारा अपने यहां से निकलने वाले जैविक कूड़े का ऑनसाइट कंपोस्टिंग करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि ऐसा नहीं करने वालों पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 60 दिन के भीतर बल्क जनरेटरों को अपने यहां कंपोस्टर लगाने को कहा है, जिससे गीले और सूखे कूड़े को मौके पर ही अलग-अलग किया जा सके। खासकर उन होटलों और संस्थानों को, जहां रोजाना 100 किलोग्राम से अधिक कूड़ा निकलता है। अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी ने बताया कि शहर में करीब 86 बल्क जनरेटर हैं, जहां अधिक कूड़ा निकलता है। होटलों की बात करें तो अभी तक राजपुर रोड स्थित दो होटलों में ही कंपोस्टर लगाए गए हैं। 48 सरकारी कॉलोनियों में भी दो से तीन जगह ही कंपोस्टर की व्यवस्था है।
बैठक में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. महेश भंडारी समेत विभिन्न होटल मालिक आदि मौजूद रहे।
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नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत करने होंगे ये कार्य
- जैविक, अजैविक और घरेलू कूड़े को अलग-अलग कूड़ेदान में रखना है।
- जैविक कूड़े को अपने परिसर में ही प्रोसेस कर कंपोस्ट या बायोगैस आदि तैयार करना है।
- अजैविक कूड़े को नगर निगम की ओर से अधिकृत कंपनी या संस्था को देना है।
- घरेलू कूड़े को अधिकृत कूड़ा बीनने वाले या एकत्र करने वालों को ही देना है।
- सेनेटरी वेस्ट, डाईपर, पैड आदि को कागज में लपेटकर वेस्ट कलेक्ट करने वाले को अलग से देना है।
- हॉर्टीकल्चर वेस्ट एवं गार्डन वेस्ट को परिसर में एकत्र कर कंपोस्ट बनाना आदि। भूमि नहीं होने पर नगर निगम के अनुसार कार्य।
- निर्माण और ध्वस्तीकरण के बाद एकत्र वेस्ट को कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के अनुसार निस्तारित करना है।
- बल्क जनरेटर ई-वेस्ट को मिक्स नहीं करेगा तथा उसे रिसाइकिलिंग चेन को उपलब्ध कराएगा।
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सोमवार को नगर निगम सभागार में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और होटल मालिकों आदि की बैठक हुई। जिसमें क्षेत्र के सभी बल्क जनरेटर (आरडब्ल्यूए, होटल, सरकारी व प्राइवेट कॉलोनियां, ऑफिस, स्कूल) द्वारा अपने यहां से निकलने वाले जैविक कूड़े का ऑनसाइट कंपोस्टिंग करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि ऐसा नहीं करने वालों पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 60 दिन के भीतर बल्क जनरेटरों को अपने यहां कंपोस्टर लगाने को कहा है, जिससे गीले और सूखे कूड़े को मौके पर ही अलग-अलग किया जा सके। खासकर उन होटलों और संस्थानों को, जहां रोजाना 100 किलोग्राम से अधिक कूड़ा निकलता है। अपर नगर आयुक्त नीरज जोशी ने बताया कि शहर में करीब 86 बल्क जनरेटर हैं, जहां अधिक कूड़ा निकलता है। होटलों की बात करें तो अभी तक राजपुर रोड स्थित दो होटलों में ही कंपोस्टर लगाए गए हैं। 48 सरकारी कॉलोनियों में भी दो से तीन जगह ही कंपोस्टर की व्यवस्था है।
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बैठक में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. महेश भंडारी समेत विभिन्न होटल मालिक आदि मौजूद रहे।
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नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के तहत करने होंगे ये कार्य
- जैविक, अजैविक और घरेलू कूड़े को अलग-अलग कूड़ेदान में रखना है।
- जैविक कूड़े को अपने परिसर में ही प्रोसेस कर कंपोस्ट या बायोगैस आदि तैयार करना है।
- अजैविक कूड़े को नगर निगम की ओर से अधिकृत कंपनी या संस्था को देना है।
- घरेलू कूड़े को अधिकृत कूड़ा बीनने वाले या एकत्र करने वालों को ही देना है।
- सेनेटरी वेस्ट, डाईपर, पैड आदि को कागज में लपेटकर वेस्ट कलेक्ट करने वाले को अलग से देना है।
- हॉर्टीकल्चर वेस्ट एवं गार्डन वेस्ट को परिसर में एकत्र कर कंपोस्ट बनाना आदि। भूमि नहीं होने पर नगर निगम के अनुसार कार्य।
- निर्माण और ध्वस्तीकरण के बाद एकत्र वेस्ट को कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के अनुसार निस्तारित करना है।
- बल्क जनरेटर ई-वेस्ट को मिक्स नहीं करेगा तथा उसे रिसाइकिलिंग चेन को उपलब्ध कराएगा।