GST: प्रोडक्टस के रेट को लेकर दुकानदार करें मनमानी, तो यहां करें शिकायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती का लाभ अगर नहीं मिल रहा है तो अब ऐसे मामलों की शिकायत आसानी से की जा सकेगी। प्रदेश में केंद्र के निर्देश पर स्टैंडिंग और स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है।
यह कमेटी मुनाफाखोरी से संबंधित मामलों पर नजर रखेगी। कमेटी में केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त पीके गोयल और राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त पीयूष कुमार को शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की 16 नवंबर को हुई बैठक में राष्ट्रीय मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण (एनएए) के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। मुनाफाखोरी विरोधी प्राधिकरण के गठन के मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाए।
शासन स्तर पर भी हो चुकी है मीटिंग
केंद्र के निर्देश के बाद प्रदेश में एनएए से संबंधित स्टैंडिंग और स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि किसी वस्तु या सेवा पर जीसीएटी की दरों में कटौती का लाभ उसे नहीं मिल रहा है तो वह स्टैंडिंग कमेटी से इसकी शिकायत कर सकता है। स्टैंडिंग कमेटी को अगर लगेगा कि यह मुनाफाखोरी का मामला है तो इस मामले को सेफ गार्ड्स महानिदेशालय (सीबीईसी) को भेजा जा सकता है। सीबीईसी अपनी जांच रिपोर्ट एनएए को भेजेगी।
शासन स्तर पर भी हो चुकी है मीटिंग
जीएसटी की दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को पहुंचाने के लिए शासन स्तर पर भी मीटिंग हो चुकी है। मीटिंग में तीन विभागों (खाद्य, नागरिक आपूर्ति, बाट-माप और राज्य कर विभाग) की संयुक्त टीम बना दी गई है। टीम प्रदेश स्तर पर मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट से शासन को अवगत कराएगी।