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कार्बेट पार्क की सुरक्षा को खतरे में डालकर खिसके 'जिम्मेदार'

Tue, 30 May 2017 10:53 AM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव/ अमर उजाला, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 30 May 2017 10:53 AM IST
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company abscond from corbett national park
corbett national park

कार्बेट पार्क का आधुनिक ई-आई सर्विलांस सिस्टम बेकार हो गया है। योजना के तहत लगे थर्मल कैमरे(जानवर और इंसान की पहचान कर लेता है) आदि काम करना बंद कर चुके हैं, जिस कंपनी के पास सिस्टम को चलाने की जिम्मेदारी थी, उसकी वन विभाग से मेंटेनेंस में सहमति न बन पाने के कारण कथित तौर साफ्टवेयर आदि को लॉक कर चली गई।

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सूत्रों के अनुसार कार्बेट पार्क प्रबंधन ने नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी (एनटीसीए)को मामले में पत्र लिखने के साथ ही अपना सर्विलांस सिस्टम विकसित करने में जुट गया।
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करीब पांच साल पहले एनटीसीए ने पार्क का सबसे संवेदनशील इलाके में ई-आई योजना(इलेक्ट्रानिक आई) को लागू किया। इसमें खास थर्मल कैमरे से लेकर दूसरे आधुनिक संसाधन जुटाए गए। यह सिस्टम इतना आधुनिक था कि उपकरण इलाके में इंसान और जानवर की उपस्थिति को पहचानने के साथ अलर्ट जारी कर देते थे।

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अब मामला सिस्टम के मेंटेनेंस को लेकर फंसा

company abscond from corbett national park
corbett national park

अब मामला सिस्टम के मेंटेनेंस को लेकर फंस गया। जिस कंपनी ने ये उपकरण लगाए थे, वनाधिकारियों के अनुसार वह मेंटेनेंस आदि के लिए दो करोड़ की मांग कर रही थी। यह राशि विभाग के पास नहीं है। ऐसे में मामला फंसा तो कथित तौर पर कंपनी सिस्टम के साफ्टवेयर में पासवर्ड आदि लगाकर चली गई है। इसके अलावा थर्मल कैमरे आदि भी काम नहीं कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार मामला सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे में कार्बेट प्रबंधन मामले में गोपनीय ही रखा। बताया जाता है कि ऐसे में कार्बेट प्रबंधन ने एनटीसीए को पूरे सर्विलांस सिस्टम को वन विभाग को हस्तांतरित करने को पत्र लिखने के साथ स्थिति से अवगत कराया है।

इसके अलावा कम कीमत में वह खुद सिस्टम विकसित करने में जुट गया है। वह बिजरानी समेत अन्य जगहों पर सिस्टम को विकसित करने में लगा है। ई-आई का केंद्र कालागढ़ में था, कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए अधिकारियों को कालागढ़ जाना पड़ता था, अब इस केंद्र को रामनगर में लाने काम चल रहा है।

इसके अलावा जहां पर सर्विलांस सिस्टम लगा था, वहां पर गश्त और कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। इस संबंध में संबंधित कंपनी से उसका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, मगर उपलब्ध नहीं हो सका। जब भी पक्ष प्राप्त होगा, प्रकाशित किया जाएगा। 

प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव डीवीएस खाती ने बताया कि दो करोड़ मेंटेनेंस आदि के लिए मांगे गए हैं। यह एक बड़ी राशि है। विभाग ने पता किया है कि यह सिस्टम कम राशि में और बेहतर ढंग से काम करने के लिए उपकरण, साफ्टवेयर आदि हैं, जल्द ही विभाग अपना नेटवर्क तैयार कर लेगा। 

कार्बेट पार्क निदेशक थर्मल सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। बाकी विभाग अपने संसाधन से सिस्टम विकसित कर रहा है। कई जगह महकमे ने सीसीटीवी आदि लगाए हैं।

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