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जल्द न संभले तो भड़क सकती है उत्तराखंड में आग
राकेश शर्मा/अमर उजाला, रुड़की
Updated Mon, 06 Jan 2014 10:32 AM IST
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नफरत की दबी चिंगारी को एक और प्रेम कहानी हवा दे गई। रुड़की में इंजीनियरिंग की छात्राओं के होटल में पकड़े जाने को लेकर हुए बवंडर के बाद भगवानपुर में यह दूसरा मौका है, जब प्रेम के फेर में शांति भंग होने के आसार बन गए। पूरा देहात इलाका दिन भर इससे जूझता रहा।
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पहले हल्केपन से लेती रही पुलिस को रविवार को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकनी पड़ी। पूरे मामले कार्रवाई को लेकर पुलिस भाजपा और कांग्रेस के निशाने पर आ गई है।
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कानून व्यवस्था पर प्रेम कहानियां भारी
प्रेम-कहानियां कानून व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। शिक्षानगरी भी उससे अछृता नहीं रह पाई है। 19 नवंबर को इंजीनियरिंग की छात्राओं के दूसरे समुदाय के युवकों के साथ पकड़े जाने के बाद रुड़की कोतवाली पर दो पक्षों में पत्थरबाजी हो गई थी। भगदड़ के बीच बाजार बंद हो गए थे। उस समय भी पुलिस की नाकामी उजागर हुई थी।
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पुलिस नहीं ले रही कोई सबक
भगवानपुर के रायपुर की प्रेम-कहानी में पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। प्रेमी रायपुर का है, जबकि लड़की देवबंद क्षेत्र की है। दोनों अलग-अलग समुदाय से ताल्लुक रखते है। कचहरी में तीन दिन पहले दो पक्षों में मारपीट के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
पंचायत के फरमान ने प्रशासन हरकत में आया
रायपुर में हुई पंचायत में इस युगल को न घुसने देने का फरमान जारी हुआ तो पुलिस-प्रशासन थोड़ा सक्रिय हुआ। रविवार को महापंचायत की घोषणा ने पुलिस को पसीने दिला दिए।
धारा 144 लागू करने के साथ सुबह होते ही पूरे भगवानपुर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। भगवानपुर, रायपुर, इकबालपुर, नारसन, चुडियाला और लंढौरा तक इसकी गरमाहट रही। बार्डर सील कर हर गाड़ी की तलाशी ली गई।
टला नहीं है खतरा
पुलिस-प्रशासन के तमाम आला अफसर भगवानपुर में डेरा डाले रहे। इकबालपुर में ही युवती के समर्थन में आए लोगों को रोककर महापंचायत को टाल दिया गया। लोगों ने अब प्रशासन को दस जनवरी का समय दिया है।
पुलिस-प्रशासन ने इस प्रेम कहानी को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो दस जनवरी को फिर इस तरह के हालात पैदा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।