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Uttarakhand: मूल निवास और भू कानून पर बनेंगी समितियां, बोले मुख्यमंत्री धामी-संवाद से करेंगे सभी मुद्दों का हल

Fri, 22 Dec 2023 11:14 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 22 Dec 2023 11:14 AM IST
सार

प्रदेश में सशक्त भू कानून और मूल निवास प्रमाण पत्र को लेकर देहरादून में 24 को महारैली का आयोजन किया जा रहा है। सरकार से स्थायी निवास प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। सरकार इस पूरे मामले को संवाद के जरिये हल करना चाहती है।

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Committees will be formed on domicile native residence and land law Cm Dhami gave instructions Uttarakhand
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भू-कानून और मूल निवास के मुद्दे पर गरमाई सियासत के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भू कानून की सिफारिशों और मूल निवास को लेकर उच्चस्तरीय समितियां बनाने के निर्देश दिए हैं। समिति मूल निवास प्रमाण पत्र के प्रारूप के संबंध में हो रही बातों का परीक्षण करेगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में जल्द समितियों का गठन हो सकता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है, जिन नागरिकों के पास मूल निवास प्रमाण पत्र होगा, उन्हें स्थायी निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रमाण पत्रों की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भू कानून के संबंध में समिति द्वारा सौंपी गई सिफारिशों के बारे में प्रारूप तैयार करने के लिए भी एक कमेटी बनाई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

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24 को महारैली का आयोजन
बकौल मुख्यमंत्री, जो लोग इस दिशा में काम कर रहे हैं, उनसे मेरा कहना है कि सकारात्मक संवाद के जरिये सभी मुद्दों के समाधान निकालेंगे। बता दें कि प्रदेश में सशक्त भू कानून और मूल निवास प्रमाण पत्र को लेकर देहरादून में 24 को महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
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सरकार से स्थायी निवास प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को आदेश जारी किया कि जिनके पास मूल निवास प्रमाण पत्र है, उनके लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी। सरकार इस पूरे मामले को संवाद के जरिये हल करना चाहती है।

सरकार के पास एक साल से भू कानून की रिपोर्ट

पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में गठित भू कानून समिति ने सितंबर 22 में सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप दी थी। लेकिन शासन स्तर पर समिति की सिफारिशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 

भूमि खरीद के मानकों को कड़ा करने की सिफारिश

भू कानून समिति ने राज्य में जमीन खरीदने के मानकों को कड़ा करने, राज्य के प्रत्येक भूमिधर को भूमिहीन होने से बचाने, निवेश के नाम पर ली जाने वाली भूमि पर लगने वाले उद्यम में राज्य के 70 प्रतिशत लोगों को रोजगार देने, प्रदेश में 12.50 एकड़ से अधिक भूमि के आवंटन पर रोक लगाने समेत कई अन्य सिफारिशें की हैं।

 

मूल निवास प्रमाण पत्र जिनके पास होंगे, उन्हें अन्य प्रमाण पत्रों की जरूरत नहीं होगी। उत्तराखंड के राज्य के हित में जो भी होगा, उसे सकारात्मक संवाद के जरिये किया जाएगा। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

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सरकार को जनवरी में मिल जाएगी यूसीसी की रिपोर्टः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए गठित विशेषज्ञ समिति अगले महीने यानी जनवरी में सरकार को रिपोर्ट दे देगी। इसके बाद हम इसे राज्य में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यूसीसी को लागू करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के संकेत दे चुके हैं।

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